यरुशलम, प्रेट्र। इजरायल सरकार ने देश में अवैध रूप से रह रहे प्रवासी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। दो बच्चों समेत एक भारतीय परिवार को भी इसी आरोप में हिरासत में लिया गया था। अब आव्रजन विभाग उन्हें भारत में प्रत्यर्पित करने की तैयारी कर रहा है।

जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं

कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले टीना और मिनिन लोपेज 12 साल पहले इजरायल आए थे और यहां अस्पताल में नर्स की नौकरी कर रहे थे। उनकी एक सात साल की बेटी और एक साल का बेटा है, जिनका जन्म इजरायल में ही हुआ था। पिछले साल फरवरी में वह अपनी बेटी के जन्म पंजीकरण के लिए भारतीय दूतावास पहुंचे थे, लेकिन जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं। इसी के चलते गुरुवार को उन्हें बच्चों समेत गिरफ्तार कर हिरासती केंद्र में भेज दिया गया था।

प्रत्यर्पण की तैयारी शुरू

हालांकि, रात में ही उन्हें रिहा कर दिया गया और आव्रजन अधिकारियों ने उनके प्रत्यर्पण की तैयारी शुरू कर दी। दंपती के वकील ने इस पर आपत्ति जताई है। अटॉर्नी डेविड टैडमोर ने कहा, 'आव्रजन विभाग किसी भी सूरत में बच्चों को गिरफ्तार नहीं कर सकता। वह न्याय मंत्रालय और अदालत के निर्देशों का अनुपालन करने की जगह लोगों को परेशान कर रहे हैं।' मंत्रालय के निर्देश के अनुसार 12 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रत्यर्पित किए जाने से पहले उनके मामले की एक सुनवाई जरूरी है।

 

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