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'इजरायल में पीएम चाहे जो बने, भारत से संबंध गहरे ही होंगे', एक्सपर्ट बोले- दोस्ती बरकरार रहेगी

Published: Mon, 26 Oct 2026 10:58 PM (IST)

इजरायल में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों का भारत के साथ संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, ऐसा विशेषज्ञ एलेक पोलार्ड का मानना है।

इजरायल में पीएम चाहे जो बने, भारत से संबंध गहरे ही होंगे।

इजरायल में पीएम चाहे जो बने, भारत से संबंध गहरे ही होंगे।

HighLights

  1. इजरायल चुनाव का भारत-इजरायल संबंधों पर असर नहीं होगा।

  2. नए पीएम को पीएम मोदी से रिश्ते मजबूत करने का मौका मिलेगा।

  3. हमास हमले के बाद नेतन्याहू सवालों के घेरे में हैं।

डिजिटल डेस्क, तेल अवीव। इजरायल में मंगलवार को राष्ट्रीय चुनाव होने जा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अच्छे संबंध हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि, इजरायली लेखक और राजनीतिक विश्लेषक एलेक पोलार्ड का मानना है कि इन चुनावों का भारत के साथ संबंधों पर शायद ही कोई असर पड़े।

पोलार्ड का आकलन है कि इजरायल में चाहे जो भी चुनाव जीते, दोनों देश अच्छे मित्र और करीबी बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि इजरायल में भारत के साथ संबंधों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है। चुनाव के बाद यदि बदलाव होता है तो इससे द्विपक्षीय संबंधों को नए आयाम मिलेंगे। इजरायल के नए पीएम को पीएम मोदी के साथ संबंध गहरे करने का मौका मिलेगा।

इजरायली चुनाव में प्रतिस्पर्धा बहुत नजदीक

पोलार्ड के अनुसार, इजरायली चुनाव में बहुत नजदीकी प्रतिस्पर्धा है। सात अक्टूबर के हमास के हमले को लेकर नेतन्याहू सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने अल्ट्रा-आर्थोडाक्स यहूदी समुदाय को अनिवार्य सैन्य सेवा से छूट दे रखी है। इसके साथ ही इजरायल के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग होने से भी चिंताएं बढ़ी हैं।

पोलार्ड ने कहा कि सात अक्टूबर के हमले को इजरायल के बड़े सुरक्षा और खुफिया विफलता के तौर पर देखा जाता है। ये बड़ा चुनावी मुद्दा है। इसके लिए नेतन्याहू को जिम्मेदार माना जा रहा है। हालांकि, नेतन्याहू इसे अपनी बड़ी सैन्य सफलता के तौर पर गिना रहे हैं।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)