संयुक्त राष्ट्र, पीटीआइ। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबूधाबी में गत दिनों आम लोगों व बुनियादी ढांचों पर हुए ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए भारत ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करार दिया। भारत ने बलपूर्वक कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को आतंकवाद के ऐसे जघन्य कृत्यों के खिलाफ स्पष्ट संदेश देने के लिए एकजुट होना चाहिए।

यूएनएससी में पश्चिम एशिया पर चर्चा शुरू करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने अबूधाबी में हाल में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की, जिसमें दो भारतीयों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि भारत, यूएई के साथ खड़ा है और आतंकी हमले की परिषद द्वारा स्पष्ट निंदा के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करता है। बता दें कि यूएई ने अबूधाबी में हुए आतंकी हमलों के संबंध में यूएनएससी की बैठक का अनुरोध किया था।

तिरुमूर्ति ने वेस्ट बैंक, यरूशलम व गाजा में हाल के घटनाक्रम पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'हाल के हफ्तों में आम नागरिकों पर हिंसक हमले बढ़े हैं। तोड़फोड़ व भड़काने की कार्रवाई जारी है। नई बस्तियां बनाने की घोषणाएं की गई हैं। हम संबंधित पक्षों से टकराव दूर करने के लिए तुरंत ठोस कोशिश करने का आह्वान करते हैं।'

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ऐसे किसी भी कदम के खिलाफ कड़ा संकेत देना चाहिए जो निकट भविष्य में इजरायल व फलस्तीन के बीच स्थायी शांति की संभावना में बाधा पैदा करे। तिरुमूर्ति ने फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और इजराइल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज के बीच हालिया बैठक का स्वागत किया। उन्होंने फलस्तीनी मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत की दृढ़ एवं अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।

उल्लेखनीय है कि यमन के हाउती विद्रोहियों ने सोमवार को अबूधाबी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे व तेल गोदाम पर ड्रोन हमले किए थे। इसमें दो भारतीय समेत तीन लोग मारे गए थे, जबकि छह लोग घायल हुए थे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को यूएई के अपने समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से बातचीत की थी और आतंकी हमले की कड़ी निंदा की थी। 

Edited By: Krishna Bihari Singh