रियाद, प्रेट्र। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत में पाक प्रायोजित आतंकी गतिविधियों के बीच कहा कि वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव हो जाने के बाद वह भारत के सामने फिर से दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे। उनका मानना है कि भारत ने पाकिस्तान की बातचीत की पेशकश को इसलिए ठुकरा दिया है क्योंकि इस समय वहां पाकिस्तान चुनावी मुद्दा बना हुआ है।

रियाद में मंगलवार को एक निवेश फोरम को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए पड़ोसी देशों खासकर भारत और अफगानिस्तान के साथ शांति कायम करना चाहता है। सरकारी रेडियो पाकिस्तान ने इमरान के हवाले से कहा कि भारत के साथ शांति कायम करने से दोनों देशों के संसाधनों का रुख हथियारों की होड़ के बजाय मानव विकास की ओर होगा। इसी तरह अफगानिस्तान में शांति से पाकिस्तान को मध्य एशिया के देशों से द्विपक्षीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

खान ने कहा कि उन्होंने भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया था जिसे उसने ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में आम चुनाव खत्म होने के बाद वह दोस्ती कायम करने की फिर कोशिश करेंगे। सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को वित्तीय संकट से उबारने के लिए वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) और मित्र देशों से कर्ज के लिए अपील कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 से पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के भारत के सैन्य ठिकानों पर हमलों के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव चल रहा है। भारत इन आतंकी हमलों के जवाब में पाकिस्तान के कब्जे वाले गुलाम कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक भी कर चुका है।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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