सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना पर हूती विद्रोहियों का ड्रोन अटैक, कई इलाकों बिजली हुई गुल
यमन के हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना पर ड्रोन हमला किया है। मुस्लिमों के दूसरे सबसे ...और पढ़ें

सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना पर हूती विद्रोहियों का ड्रोन अटैक (फोटो- रॉयटर)
HighLights
इस्लाम धर्म का दूसरा सबसे पवित्र शहर है मदीना
मुस्लिम देशों ने की निंदा, हूती का हमले से इनकार
न्यूयॉर्क टाइम्स, रियाद। यमन के हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना पर ड्रोन हमला किया है। मुस्लिमों के दूसरे सबसे महत्व वाले शहर के बिजलीघर पर ड्रोन से हमला किया गया है जिससे कई इलाकों की विद्युत व्यवस्था भंग हो गई है। मदीना वह शहर है जहां पर पैगंबर मुहम्मद की कब्र है और प्रतिवर्ष लाखों मुस्लिम वहां जाकर सिर झुकाते हैं।
सऊदी अरब की सरकार ने कहा है कि हूती ने दो हफ्ते पहले मक्का पर ड्रोन हमले की कोशिश के बाद अब मदीना पर हमला किया है। मुस्लिम देशों ने मदीना पर हमले की निंदा की है। लेकिन हूती ने मदीना शहर पर हमले और मक्का पर हमले की कोशिश से इनकार किया है।
इस बीच एक महीने से जारी लड़ाई में सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने हूती की राजधानी सना, तैज और कुछ अन्य इलाकों पर ताजा हमले किए हैं।
जबकि हूती और सऊदी समर्थित यमन की सरकारी सेना के बीच जमीनी लड़ाई जारी है। इस लड़ाई में हूती शुरू से भारी पड़ रहे हैं और कई रणनीतिक इलाके सरकारी सेना से छीन लिए हैं।
एक महीने की लड़ाई में ईरान समर्थित शिया हूती सऊदी अरब और यमन की सेना पर लगातार भारी पड़े हैं। हूती ने लाल सागर से सऊदी तेल टैंकरों और जहाजों के गुजरने पर रोक लगा रखी है, सऊदी अरब और उसके सहयोगी देश इस मार्ग को सऊदी जहाजों के लिए खुलवाने में सफल नहीं हो पाए हैं।
विदित हो कि इस मार्ग के मुहाने पर जिबूती में सऊदी अरब के सहयोगी देश अमेरिका का बड़ा सैन्य अड्डा है लेकिन सऊदी अरब के मदद मांगने के बावजूद अमेरिकी सेना इस लड़ाई में शामिल नहीं हुई।
मक्का समझौते में शामिल देशों की बैठक अगले हफ्ते
मक्का सुरक्षा समझौते में शामिल सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के प्रतिनिधियों की उच्चस्तरीय बैठक अगले सप्ताह रियाद में होगी। इस बैठक में यमन के हूती लड़ाकों के सऊदी अरब पर हमले और कई अन्य मसलों पर विचार किया जाएगा।
यह जानकारी पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने दी है। बताया कि रियाद की बैठक की योजना हाल ही में न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में भाग लेने के लिए आए तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात में बनी।
