दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला, लगी भीषण आग; रूस-चीन कर रहे युद्धविराम की कोशिश
सऊदी अरब की राजधानी रियाद और कई अन्य प्रमुख स्थानों पर भी हूती के हमलों की खबर है। युद्ध के ...और पढ़ें

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला (फोटो- रॉयटर)
HighLights
विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी है अरामको
अरामको के मुख्यालय पर हूती का हमला, आग लगी
रियाद और अल-खर्ज पर भी हूतियों ने मिसाइलें बरसाईं
रूस, चीन और ओमान कर रहे युद्धविराम की कोशिश
एपी, रियाद। सऊदी अरब में विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के दाहरान स्थित मुख्यालय पर मंगलवार देर रात हुए हूती के बैलेस्टिक मिसाइल हमले में उसे भारी नुकसान हुआ है।
हमले में मुख्यालय के उस भवन की सबसे ऊपर की उन तीन मंजिलों को भारी नुकसान हुआ है जहां पर कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अन्य उच्चाधिकारी बैठते थे।
तीन लोगों के मारे जाने की चर्चा
हमले के बाद भवन में आग लग गई है और उससे धुआं उठ रहा है। पता चला है कि ऊपरी मंजिलों में लगी आग नीचे की मंजिलों में भी फैल रही है। इस आग में तीन लोगों के मारे जाने की चर्चा है।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद और कई अन्य प्रमुख स्थानों पर भी हूती के हमलों की खबर है। युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि लड़ाई में अमेरिका के शामिल होने की संभावना पर विचार हो रहा है।
जबकि हूती ने कहा है कि रूस और चीन की ओर से युद्धविराम के लिए उससे संपर्क किया गया है। मंगलवार-बुधवार की रात और उसके बाद के हमलों में हूती ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर बैलेस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। साथ ही अल-खर्ज पर क्रूज मिसाइल से हमला किया है।
यहां पर सऊदी अरब का प्रिंस सुल्तान वायुसेना अड्डा और कई बड़े सैन्य प्रतिष्ठान हैं। सऊदी अरब ने इन हमलों से हुए नुकसान की जानकारी नहीं दी है।
हूती ने कहा है कि ताजा हमले उसकी राजधानी सना और तेल ठिकानों पर सऊदी अरब के हमलों के जवाब में किए गए हैं। सऊदी अरब को इन हमलों के लिए पहले ही आगाह किया गया था।
इस बीच रियाद एयरपोर्ट पर हमलों में घायल हुए कुछ लोगों की इलाज के दौरान मौत होने की सूचना है। इन्हें मिलाकर एयरपोर्ट पर हूती के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है, 300 से ज्यादा घायल हैं।
युद्ध के बीच हूती की राजनीतिक शाखा के सदस्य मुहम्मद अल-बुखाती ने कहा है कि ओमान दोनों पक्षों को वार्ता के लिए तैयार कर रहा है जबकि रूस और चीन भी शांति के लिए कोशिश कर रहे हैं। कहा, हम युद्ध खत्म करवाने की हर कोशिश का स्वागत करते हैं लेकिन यह स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए।
विदित हो कि सितंबर से जारी हूती के हमलों से सऊदी अरब के तेल, उड्डयन और पर्यटन कारोबार को भारी नुकसान हुआ है। साथ ही मुस्लिम जगत का शक्तिशाली देश होने की उसकी प्रतिष्ठा भी धूमिल हुई है।
हाल के वर्षों में अमेरिकी हथियारों का बड़ा खरीदार होने के बावजूद सऊदी अरब हूती जैसे अपरंपरागत लड़ाका संगठन से मुकाबले में कमजोर साबित हो रहा है इससे उसकी प्रतिष्ठा को बड़ा आघात लगा है।
तैज के छह लाख लोगों पर खाद्य संकट
संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत चलने वाले विश्व खाद्य कार्यक्रम ने यमन सरकार के नियंत्रण वाले तैज शहर में मानव जीवन को संकट में बताया है।
कहा है कि शहर को हूती लड़ाकों ने घेर रखा है और बाहरी इलाकों में सरकारी सैनिकों से उनकी भीषण लड़ाई चल रही है। इसके चलते शहर में बाहर से सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है जिससे शहर के छह लाख लोगों के समक्ष खाद्य पदार्थों का संकट पैदा हो गया है।
