हूती लड़कों का मोचा बंदरगाह पर कब्जा, बाब-अल-मंदेब पर बढ़ा खतरा; यमन में तेज हुई लड़ाई
ईरान समर्थित हूती लड़ाके बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जे के बाद लाल सागर के हानिश द्वीप समूह तक पहुंच गए ...और पढ़ें

हूती लड़कों का मोचा बंदरगाह पर कब्जा, बाब-अल-मंदेब पर बढ़ा खतरा
HighLights
तेल संपन्न क्षेत्र में खुला युद्ध का दूसरा मोर्चा, यमन में तेज हुई लड़ाई
होर्मुज स्ट्रेट के बाद व्यस्त समुद्री मार्ग पर खतरे से तेल मूल्य में उछाल
रॉयटर, अदन। ईरान समर्थित हूती लड़ाके बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जे के बाद लाल सागर के हानिश द्वीप समूह तक पहुंच गए हैं। इसके बाद बाब-अल-मंदेब से होकर जाने वाले अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।
होर्मुज स्ट्रेट की तरह बाब-अल-मंदेब भी विश्व के सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण जल मार्गों में शामिल है। ईरान ने अमेरिका से लड़ाई बढ़ने की स्थिति में बाब-अल-मंदेब को भी बंद करने की चेतावनी दे चुका है।
यमन में हूती लड़ाकों और सऊदी अरब समर्थित सरकार की सेना के बीच हाल के दिनों में लड़ाई तेज हुई है। उसी के चलते कुछ हफ्ते पहले सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने हूती के कब्जे वाले क्षेत्रों में बमबारी की थी।
जवाब में हूती ने मंगलवार को सऊदी अरब के चार शहरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। अब समुद्र के किनारे स्थित यमन पर हूती की स्थिति और मजबूत हो गई है।
इस बीच हूती के प्रवक्ता ने कहा है कि लाल सागर और बाब-अल-मंदेब पर मालवाही जहाजों का आवागमन सुरक्षित और सामान्य बना हुआ है।
इस मार्ग के कुछ ही हिस्सों पर लड़ाई चल रही है लेकिन वह चिंताजनक नहीं है। इस मार्ग से केवल सऊदी अरब के जहाजों के आवागमन पर हूती ने रोक लगाई है।
होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर समुद्री मार्ग पर व्याप्त अनिश्चितता के चलते विश्व बाजार में कच्चे तेल के मूल्यों में उछाल बना हुआ है। गुरुवार को भी कच्चा तेल 100 डालर प्रति बैरल के आसपास बना रहा।
विश्व के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश सऊदी अरब को अब दो समुद्री मार्गों पर रुकावट का सामना करना पड़ रहा है, इसे तेल मूल्य बढ़ने का बड़ा कारण माना जा रहा है।
