होर्मुज का तापमान हाई, कैसे रुकेगी लड़ाई? ट्रंप के टेडलॉक का ईरान के पास अनब्लॉक प्लान
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटे की बैठक बेनतीजा रही, जिससे तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने ...और पढ़ें
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होर्मुज को लेकर मिडिल ईस्ट में बढ़ रहा तनाव (फोटो-रॉयटर्स)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक हाई-लेवल मीटिंग चली, लेकिन इस लंबी बातचीत से कोई हल नहीं निकला। देखा जाए तो अमेरिका और ईरान के बीच आग फिर एक बार भड़क गई है।
अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी का एलान कर दिया है। वहीं ईरान लगातार इस जलमार्ग पर अपना कब्जा होने की बात कह रहा है। ईरान का दावा है कि वो होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी जहाजों को गुजरने नहीं देगा।
होर्मुज में नाकेबंदी करेगा अमेरिका
ईरान के साथ शांति-वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'यूनाइटेड स्टेट्स नेवी होर्मुज जलडमरूमध्य में घुसने या उससे बाहर निकलने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज की नाकेबंदी की प्रक्रिया शुरू कर देगी।'
होर्मुज में नाकेबंदी करने का मतलब है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले सामानों या संचार साधनों के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगा देना।
अमेरिका आज सोमवार से ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों को निशाना बनाकर होर्मुज की नाकेबंदी करने वाला है। Kpler और LSEG के शिपिंग डेटा के मुताबिक, इस नाकेबंदी से पहले ईरान ने दो तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से होते हुए खाड़ी से बाहर निकल गए।
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ईरान ने होर्मुज में बिछाया जाल
ट्रंप के बयान के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया था कि उसका होर्मुज पर पूरा कंट्रोल है और अगर अमेरिका नाकेबंदी की कोशिश करता है तो भंवरों के जाल में फंस जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित दुनिया का सबसे जरूरी जलमार्ग है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20-25 फीसद हिस्सा गुजरता है।
मिडिल ईस्ट के इस युद्ध में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया है। इस जलमार्ग में ईरान ने कई मिनी पनडुब्बी तैनात की हुई हैं। ईरान का दावा है कि ये पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपी हैं।
ये पनडुब्बियां काफी छोटी हैं, लेकिन किसी भी जहाज को एक झटके में उड़ाने की क्षमता रखती हैं, क्योंकि इन पनडुब्बियों में सबसे खतरनाक हथियार हूट सुपरकैविटेटिंग टॉरपीडो लगा है।
पनडुब्बी में लगा ये टॉरपीडो पानी में 360 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है। इस टॉरपीडो से एयरक्राफ्ट कैरियर जैसे बड़े जहाज को भी तबाह किया जा सकता है।
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होर्मुज में तापमान हाई
मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के केंद्र में होर्मुज स्ट्रेट बना हुआ है। ईरान जहां इस जलमार्ग पर अपना दावा होने की बात कर रहा है, वहीं अमेरिका इस अपने अधिकार क्षेत्र में लाना चाहता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर छिड़ी बहस से वैश्विक ऊर्जा संकट बढ़ता ही जा रहा है।
अमेरिका पर दुनिया के बाकी देशों का भी दबाव है कि वो जल्दी से जल्दी होर्मुज को मुक्त कराएं, क्योंकि अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमला करने के बाद से ही इस जलमार्ग के रास्ते क्रूड ऑयल की सप्लाई बाधित हो गई है।
ईरान इस रास्ते से अमेरिका और इजरायल के जहाजों को गुजरने नहीं दे रहा है। ईरान ने भारत के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है, लेकिन तनाव के चलते सप्लाई पर प्रभाव पड़ा है।

रूस ने बताया रास्ता
अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कराने के लिए अब रूस आगे आ रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार, 12 अप्रैल को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से टेलीफोन पर भी बातचीत की है।
रूस ने मिडिल ईस्ट के तनाव को कम करने के लिए रास्ता बताया है कि अमेरिका, ईरान के जिस एनरिज्ड यूरेनियम से परेशान है, उसे रूस अपने पास रखने के लिए तैयार है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने शांति समझौते के तहत ईरान से इसी एनरिच्ड यूरेनियम के प्रयोग पर रोक लगाने की बताने कही, लेकिन ईरान ने अमेरिका की इस शर्त को मानने से मना कर दिया। रूस इसी यूरेनियम को अपने पास रखने की बात कह रहा है।

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