बेरूत (एएफपी)। सीरिया में हुए ताजा हवाई हमलों में कम से कम 14 आम नागरिकों की मौत हो गई है जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। ये हमले विद्रोही गुट के इलाकों में किए गए थे। सीरिया के मानवाधिकार संगठन के मुताबिक, हम्मरीयेह इलाके में भी बड़े पैमाने पर बैरल बम, क्रूड और विस्फोटक सामाग्री का प्रयोग कर हमले किए गए जिसमें 10 लोगों की जान चली गई है।

फरवरी में रूसी सेना और सहयोगियों द्वारा तेज किए गए हमलों में अभी तक 709 लोगों की मौत हो चुकी है। रूस ने यहां विद्रोहियों के खिलाफ ईस्टर्न घोउटा इलाके में अपना अभियान तेज कर दिया है। ब्रिटेन स्थित ऑब्जर्वेटरी के अध्यक्ष, रामी अब्देल रहमान के अनुसार, इस तरह के हमलों में कम से कम 166 बच्चों की भी जान गई है। सोमवार को ईस्टर्न घोउटा में फिर से रॉकेट हमले किए गए। वैसे बता दें कि सीरिया में सरकार समर्थित सेना ने पूर्वी घोउटा के हावश अल-दवाहिरा को अपने कब्जे में कर लिया है। राजधानी दमिश्क के निकट स्थित विद्रोहियों के कब्जे वाला एकमात्र इलाका था। 

रूसी न्‍यूज एजेंसी टीएएसएस ने रूसी मेजर-जनरल व्लादिमीर ज़ोलोटुखिन के हवाले से बताया कि घोउटा से नागरिक बाहर निकलने की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन विद्रोही नागरिकों को बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। विद्रोही लगातार निकास गलियारे पर फायरिंग कर रहे हैं। इसकी वजह से नागरिक बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसा लगता है कि समझौते के बादवजूद विद्रोही नहीं चाहते कि नागरिक घोउटा से बाहर जाएं।

गौरतलब है कि सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी घोउटा इलाके में सीरियाई सरकार के हवाई हमले में बीते सात दिनों में करीब 500 नागरिकों की मौत हो गई थी। हालांकि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) सुरक्षा परिषद ने सीरिया में 30 दिनों के युद्ध विराम के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया है। लेकिन यहां पर एक बड़ा सवाल ये है कि सीरिया में जो हालात बन चुके हैं, इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? इसके अलावा युद्ध विराम से कहां तक शांति स्‍थापित होने की उम्‍मीद की जा सकती है। आपको बता कि सीरिया में चल रहे संघर्ष में अब तक लाखों लोग मारे जा चुके हैं और हजारों बच्‍चे अनाथ हो चुके हैं।

 

Posted By: Kishor Joshi