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संकट के समय कैसा था फ्लाईदुबई के पायलट स्मित मच्छर की पत्नी का रिएक्शन? पड़ोसी ने बताई पूरी बात

Published: Sat, 03 Oct 2026 06:43 PM (IST)

फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की पत्नी ने अपने पति पर हुए हमले के दौरान असाधारण शांति और गरिमा ...और पढ़ें

संकट के समय कैसा था कैप्टन स्मित मच्छर की पत्नी का रिएक्शन। (सोशल मीडिया)

संकट के समय कैसा था कैप्टन स्मित मच्छर की पत्नी का रिएक्शन। (सोशल मीडिया)

HighLights

  1. पड़ोसी डॉ. आरती शर्मा ने कैप्टन की पत्नी के धैर्य की सराहना की।

  2. कैप्टन स्मित मच्छर की पत्नी ने संकट में शांत और गरिमापूर्ण प्रतिक्रिया दी।

  3. कैप्टन मच्छर ने हमले के बावजूद यात्रियों को बचाया, अस्पताल में ठीक हो रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, दुबई। जब हम किसी हीरो को सलाम कर रहे होते हैं, तो अक्सर हम सिर्फ संकट के समय दिखाए गए साहस को ही देखते हैं। उस साहस के पीछे एक परिवार होता है, जो फोन कॉल का इंतजार कर रहा होता है, अच्छी खबर के लिए प्रार्थना कर रहा होता है और उम्मीद कर रहा होता है कि प्रियजन सुरक्षित घर लौट आए।

फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की कहानी हमें याद दिलाती है कि सलाम सिर्फ उस व्यक्ति के लिए नहीं है जो खतरे का सामना करता है, बल्कि उस परिवार के लिए भी है जो उनके साथ डर और अनिश्चितता का सामना करता है।

यह बात डॉ. आरती शर्मा की सोशल मीडिया पोस्ट से सामने आई है, जो एक ऑब्सटेट्रिशियन-गायनेकोलॉजिस्ट हैं और कैप्टन मच्छर और उनके उनके परिवार के साथ ही उसी रेजिडेंशियल सोसाइटी में रहती हैं।

बहुत शांत थीं स्मित की पत्नी- पड़ोसी

यह याद करते हुए कि जब पड़ोसियों ने कैप्टन की पत्नी से संपर्क किया और मदद की पेशकश की तो उन्होंने कैसी प्रतिक्रिया दी, शर्मा ने उस शांत, हिम्मत और गरिमा का परिचय दिया जिसके साथ परिवार इस बेहद मुश्किल समय का सामना कर रहा था।

शर्मा के अनुसार, घटना के बारे में पता चलने पर पड़ोसियों ने कैप्टन की पत्नी से संपर्क किया और पूछा कि क्या वह ठीक हैं और क्या परिवार को किसी मदद की जरूरत है। शर्मा ने बताया कि उनकी प्रतिक्रिया शांत और भरोसा दिलाने वाली थी। उन्होंने उनकी प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद दिया और बताया कि उनके पति ठीक हैं।

इस बातचीत ने शर्मा को उन परिवारों के बारे में सोचने पर मजबूर किया जो बहादुरी के लिए सहारे जाने वाले लोगों के पीछे खड़े होते हैं, अपने डर को मन में दबाए रखते हुए उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद और प्रार्थना करते हैं।

शर्मा ने कहा कि जब हम सुर्खियों में रहने वाले किसी व्यक्ति की बहादुरी का जश्न मनाते हैं, तो उस व्यक्ति के पीछे हमेशा एक परिवार खड़ा होता है जो उम्मीद करता है, इंतजार करता है और प्रार्थना करता है कि उनका अपना व्यक्ति घर लौट आए।

उनकी बातें कॉकिपिट और सुर्खियों से हटकर उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करती हैं जिनकी हिम्मत अक्सर दिखाई नहीं देती। जहां कैप्टन मच्छार की बहादुरी की तारीफ हुई है, वहीं इस स्थिति में उनके परिवार के संयम की भी सराहना की जानी चाहिए।

कॉकपिट में हमले के बाद कैप्टन स्मित मच्छर की रिकवरी

ओमान के रहने वाले अपने को-पायलट ने प्लेन के कॉपपिट में कैप्टन स्मित मच्छर पर कुल्हाड़ी से हमला किया। हाथापाई को दौरान प्लेन नीचे गिरने लगा। यह समझते हुए कि अगर उन्हें और यात्रियों को बचना है तो उन्हें तेजी से कुछ करना होगा, कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद क्रू और यात्रियों को हमले के बारे में आगाह किया।

दूसरे यात्रियों ने हमलावर को काबू में किया और ड्यूटी पर न होने वाले पायलटों ने प्लेन को सुरक्षित लैंड कराया। फ्लाईदुबई के 174 यात्रियों की जान बचाने वाले इस हीरो पायलट का इलाज अबू धाबी के एक अस्पताल में चल रहा है और वे ठीक हो रहे हैं।