काबुल, एजेंसी। अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता आने के बाद से अनेकों प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें से एक है यहां की लड़कियों की स्कूली शिक्षा पर लगी पाबंदियां। इसके लिए फाराह के दक्षिण पश्चिम प्रांत में अफगानी लड़कियों ने तालिबान के समक्ष दोबारा सभी गर्ल्स स्कूलों को खोलने और शिक्षा शुरू करने की मांग रखी है।

इनका कहना है कि धार्मिक शिक्षा के अलावा आधुनिक शिक्षा की भी जरूरत है।

धार्मिक शिक्षा के अलावा आधुनिक शिक्षा की भी दरकार 

टोलो न्यूज ने इससे संबंधित एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। छात्रा फातिमा कहती हैं, 'हमने सरकार से धार्मिक शिक्षण से इतर गर्ल्स स्कूलों को दोबारा खोलने को कहा है, ताकि हम अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।' एक अन्य छात्रा जाहरा ने कहा, 'धार्मिक पढ़ाई के साथ हमारे स्कूलों को भी दोबारा खोला जाना चाहिए क्योंकि हमारे समुदाय को महिला चिकित्सकों की आवश्यकता है और मैं चिकित्सक ही बनना चाहती हूं ।'

शिक्षा विभाग ने दिया ये बयान 

शिक्षा विभाग से यह आधिकारिक तौर पर कहा गया कि करीब 3,500 छात्राएं प्रांत के 19 सेमिनरी में पढ़ रहीं हैं। प्रांत के शिक्षा विभाग के प्रमुख अख्तर मोहम्मद जइम ने कहा, 'हमारे पास महिलाओं के लिए 18-19 सेमिनरी है। इनमें 120-130 टीचर्स हैं और करीब 3,500 छात्राएं। दरअसल शिक्षा मंत्री ने बागलान प्रांत का दौरा किया और आधुनिक शिक्षा पढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

तालिबान के सत्ता पर काबिज होते ही लग गए प्रतिबंध

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता आने के बाद छठी कक्षा के बाद लड़कियों की पढ़ाई पर रोक लगा दी गई। लड़कियों के अधिकारों, विशेषकर शिक्षा का अधिकार की सुरक्षा व इसे बढ़ावा देने के लिए वैश्विक नेताओं व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लिखित तौर पर आग्रह किया गया है। विभिन्न मानवाधिकार समूहों ने वैश्विक नेताओं को इस बाबत खुला पत्र लिखा है ताकि राजनयिकों की ओर से तालिबान पर दवाब बने और बंद की गई लड़कियों की शिक्षा बहाल हो सके।

Edited By: Monika Minal

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