'सऊदी क्षेत्र की रक्षा करेगा काहिरा, मगर हूतियों पर हमला नहीं करेगा', मिस्र के राष्ट्रपति अल-सीसी का बड़ा बयान
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने कहा है कि मिस्र जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता और ...और पढ़ें

'सऊदी क्षेत्र की रक्षा करेगा काहिरा, मगर हूतियों पर हमला नहीं करेगा'- मिस्र
HighLights
मिस्र के विदेश मंत्री और खुफिया प्रमुख ने रियाद में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से की मुलाकात
मिस्र के राष्ट्रपति का सलमान के नाम लिखित संदेश भी सौंपा गया
रॉयटर, रियाद। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने कहा है कि मिस्र जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता और उसकी सीमाओं की रक्षा के लिए सैन्य सहायता देगा, लेकिन हूतियों पर हमला नहीं करेगा।
बुधवार को राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई। यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर अपने हमले तेज कर दिए हैं।
सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए के अनुसार, मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती और खुफिया प्रमुख हसन रशाद ने रियाद में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की।
इस दौरान दोनों देशों के संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा हुई। मिस्र के राष्ट्रपति का सलमान के नाम लिखित संदेश भी सौंपा गया।
सीसी ने कहा कि अनुरोध किए जाने पर मिस्र किसी अन्य अरब देश की सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा में भी मदद कर सकता है।
हालांकि, मिस्र की सैन्य कार्रवाई संबंधित देश के क्षेत्र की रक्षा तक सीमित रहेगी। इस बीच, मिस्र की संसद ने सऊदी अरब की सहायता के लिए सशस्त्र बलों को अधिकृत करने के प्रस्ताव पर मतदान 26 अक्टूबर तक टाल दिया है। मिस्र और सऊदी अरब रणनीतिक और आर्थिक रूप से करीबी साझेदार हैं।
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य खाड़ी देशों ने 2013 में इस्लामवादी राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को सैन्य तख्तापलट के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद मिस्र को अरबों डालर की सहायता दी थी।
उन्होंने केंद्रीय बैंक में जमा और निवेश भी किया था। इसके एक साल बाद अल-सीसी राष्ट्रपति बने।
सऊदी राजधानी का हवाई अड्डा फिर खुला, लेकिन उड़ानें सीमित
बुधवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित देश के मुख्य हवाई अड्डे से कुछ सऊदी विमानन कंपनियों के विमानों ने उड़ान भरी और वहां उतरे। यह दो दिन बाद हुआ, जब अधिकारियों ने विमान कंपनियों को पहले से अनुमति लेकर उड़ानें फिर शुरू करने की सूचना दी थी।
रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस महीने यमन के हूती विद्रोहियों ने कई बार हमला किया और 10 अक्टूबर को इसे बंद कर दिया गया था। इस बीच लुफ्थांसा और एयर फ्रांस समेत कई बड़ी विमानन कंपनियों ने नवंबर के मध्य तक वहां की उड़ानें रद कर दी हैं।
इस बीच हूती विद्रोहियों ने बुधवार को सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना की ओर ड्रोन दागने से इनकार किया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के दावों को खारिज करते हुए यह बयान दिया।
इससे पहले गठबंधन ने कहा था कि उसने मदीना और सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया।
