मिडिल ईस्ट में बढ़ा हवाई खतरा, EASA ने सऊदी अरब को खाड़ी देशों के एयरस्पेस से बचने के दिए निर्देश
EASA ने एयरलाइंस को सऊदी अरब और जॉर्डन के हवाई क्षेत्र से दूर रहने तथा अन्य खाड़ी देशों के लिए चेतावनी की अवधि बढ़ाने का निर्देश दिया है।

EASA ने मध्य पूर्व में नई विमानन सलाह जारी की।
HighLights
EASA ने मध्य पूर्व में नई विमानन सलाह जारी की।
सऊदी अरब और जॉर्डन के हवाई क्षेत्र से बचने का निर्देश।
खाड़ी देशों के लिए चेतावनी 16 नवंबर तक बढ़ाई गई।
डिजिटल डेस्क, कोलोन। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और बढ़ते हमलों को देखते हुए यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी ने एक नई और कड़ी एविएशन एडवाइजरी जारी की है।
EASA ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बयान जारी कर एयरलाइंस और वाणिज्यिक विमानों को सऊदी अरब और जॉर्डन के एयरस्पेस से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।
साथ ही एजेंसी ने खाड़ी क्षेत्र के कई अन्य देशों के वायुक्षेत्र से बचने और चेतावनी की समय-सीमा को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा सीमा पार से किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों को देखते हुए एयरलाइंस को सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि हाल ही में डाईवर्ट हुई फ्लाईदुबाई फ्लाइट की घटना इस सलाह का आधार नहीं है, बल्कि यह फैसला व्यापक सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया है।
EASA ने जॉर्डन के हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी पुरानी सावधानी बरतने की सलाह को बदलते हुए अब सभी उड़ानों और सभी ऊंचाइयों पर जॉर्डन के एयरस्पेस में जाने से बचने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
एजेंसी ने 16 नवंबर तक बढ़ा दी चेतावनी की अवधि
एजेंसी ने पूरे मध्य पूर्व के सुरक्षा माहौल का पुनर्मूल्यांकन करते हुए कई अन्य दिशानिर्देशों की अवधि बढ़ा दी है। बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान के संपूर्ण वायुक्षेत्र से बचने की अपनी पुरानी सलाह में संशोधन करते हुए EASA ने एयरलाइंस को सतर्क रहने के निर्देश जारी रखे हैं।
लेबनान, ईरान और इराक के पूरे हवाई क्षेत्र के साथ-साथ फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के समुद्री इलाकों के ऊपर से गुजरने वाले हवाई मार्गों से बचने की चेतावनी को 16 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
7 महीने से जारी मध्य पूर्व संकट के बीच बढ़ा खतरा
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद तेहेरन ने खाड़ी में स्थित अमेरिकी सहयोगियों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। यमन में मौजूद हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब के व्यापारिक व सैन्य हितों को निशाना बना रहे हैं।
EASA ने कहा है कि वह मध्य पूर्व की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि यह तय किया जा सके कि यूरोपीय संघ की एयरलाइंस के लिए जोखिम का स्तर बढ़ रहा है या कम हो रहा है। इसके आधार पर आने वाले दिनों में दिशानिर्देशों की पुन: समीक्षा की जाएगी।
