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लंदन, प्रेट्र/आइएएनएस। इराक में बंद आतंकी संगठन आइएस की एक चर्चित महिला सदस्य ने दावा किया है कि उसने संगठन प्रमुख अबु बकर अल बगदादी की खोज में अमेरिकी नेतृत्व वाले अभियान में केंद्रीय भूमिका निभाई।

गार्जियन अखबार ने इराक के इरबिल शहर से एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। अखबार से बातचीत में निसरिन असद इब्राहिम ने दावा किया कि उसने भगोड़े आतंकी नेता बगदादी के सुरक्षित ठिकानों की पहचान में मदद की। उसने मोसुल में बगदादी के ठिकाने का सटीक पता बताया। निसरिन को आइएस में उम्म सय्याफ नाम से जाना जाता है।

सीरिया में चार साल पहले डेल्टा फोर्स के छापे में सय्याफ को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि उसका पति व आइएस का तत्कालीन तेल मंत्री मारा गया था। इसके बाद से अब तक के पहले साक्षात्कार में सय्याफ ने दावा किया कि उसने बगदादी की गतिविधियों, ठिकानों और नेटवकरें का पता लगाने में सीआइए तथा कुर्दिश खुफिया एजेंसियों की मदद की।

उसने कहा, 'मैंने उन्हें बताया कि ठिकाना कहां है। मैं जानती थी कि बगदादी वहां है, क्योंकि यह उन ठिकानों में से एक था जो उसे दिया गया था। उसे वह सबसे ज्यादा पसंद करता था।'

29 वर्षीय सय्याफ काफी विवादित रही है। वह आतंकी संगठन के बहुत ही जघन्य अपराधों में भी शामिल रही है। उस पर अमेरिकी सहायता कर्मचारी कायला मूलर और कई यजीदी महिलाओं तथा लड़कियों को गुलाम बनाने का भी आरोप है। गुलाम अमेरिकी व अन्य लड़कियों के साथ आइएस के आतंकी दुष्कर्म करते थे।

इरबिल में एक अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई थी। उसने शहर की जेल में एक अनुवादक के जरिये गार्जियन से बात की। सय्याफ बगदादी के करीबी मित्र फतही बेन अव्न बेन जिल्दी मुराद अल-तुनिस की पत्‍‌नी थी। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवक्ता अमल क्लूनी ने सय्याफ को इराक से अमेरिका स्थानांतरित किए जाने की मांग की है।

 

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Posted By: Arun Kumar Singh

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