तेहरान, एजेंसियां। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश लड़ाई को अपनी सीमाओं के पार भी ले जा सकता है। रिवोल्यूशनरी गा‌र्ड्स इसमें सक्षम है। खामनेई ने अमेरिकी हमले में जनरल कामिस सुलेमानी के मारे जाने और विमान हादसे बाद देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर यह बात कही।

खामनेई ने डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा

आठ साल बाद शुक्रवार की नमाज की अगुआई कर रहे खामनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधा। ट्रंप को विदूषक करार देते हुए खामनेई ने कहा कि ईरान के लोगों के साथ वह सहानुभूति जताने का दिखावा कर रहे हैं। मौका आने पर ट्रंप ईरानियों की पीठ में जहरीला छुरा घोंप देंगे।

क्षेत्र के दुश्मनों के अत्याचारों से मुक्त होने तक विरोध जारी रहेगा

परमाणु समझौते से हटने पर ईरान के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहे ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी को आड़े हाथों लेते हुए खामनेई ने कहा कि यूरोप के देशों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय देशों में इतनी ताकत नहीं है कि वो ईरान को झुका सकें। यूरोपीय देशों की इस पहल से ईरान पर फिर से संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र के दुश्मन के अत्याचारों से पूरी तरह मुक्त होने तक विरोध जारी रहेगा।

वि‍मान हादसे पर कहा, उनका दर्द आज भी हमारे दिल में बना हुआ है

बता दें कि तीन जनवरी को इराक में अमेरिकी हमले में ईरानी शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद से ही दोनों देशों में तनाव बढ़ा है। इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के दौरान ईरान ने गलती से यूक्रेनी विमान को मार गिराया था, जिसमें 176 लोग मारे गए थे। विमान हादसे को दुखद घटना करार देते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा कि उसका दर्द आज भी हमारे दिल में बना हुआ है।

शव सौंपने के लिए तैयार ईरान

इस बीच, ईरान विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद जरीफ ने कहा है कि उनका देश विमान हादसे में मारे गए यूक्रेन के लोगों के शवों को सौंपने के लिए तैयार है। यूक्रेन के विदेश मंत्री के साथ फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने यह बात कही। इस हादसे में 11 यूक्रेनी मारे गए थे।

विमान हादसे को राजनीतिक मुद्दा न बनाएं

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेनी विमान हादसे को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। बता दें कि गुरुवार को लंदन में कनाडा, यूक्रेन, स्वीडेन, अफगानिस्तान और ब्रिटेन के अधिकारियों की बैठक हुई थी, जिसमें विमान हादसे के लिए ईरान से मुआवजा मांगा गया है। हादसे में इन देशों के नागरिक भी मारे गए थे।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस