टोक्यो, आइएएनएस। ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) ने आगाह किया है कि बुजुर्गों की बढ़ती आबादी जापान के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। जापान में 2017 में 50 फीसद आबादी की उम्र 65 वर्ष से ऊपर थी। वर्ष 2050 तक इसके बढ़कर 79 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है।

देश की कामगार आबादी में यह गिरावट जापान के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। ओईसीडी की महासचिव एंजेल गुरिया ने सोमवार को यहां अपनी एक रिपोर्ट पेश करते हुए कहा, 'जापान में 2017 में जन्म लेने वाले बच्चों में से आधे की 107 साल की उम्र तक जीवित रहने की संभावना है।'

जापान के जनांकिकी आंकड़े सामने रखते हुए ओईसीडी की महासचिव ने कहा कि अगर यही आगे भी चलता रहा तो 2050 तक देश के कामगार लोगों की आबादी में 25 फीसद तक की कमी हो सकती है।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए रिपोर्ट में रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने की सिफारिश की गई है। देश की अर्थव्यवस्था मजबूत रखने के लिए ओईसीडी ने सरकार से विदेशी कामगारों को नौकरी पर रखने की सिफारिश भी की है।

Posted By: Prateek Kumar