कुराशिकी, रायटर। जापान के दक्षिणी-पश्चिमी इलाके में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 155 हो गई है। अब भी दर्जनों लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। बचावकर्मी घर-घर जाकर लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास कर रहे हैं। बचाव कार्य में करीब 75 हजार सैनिक और फायरमैन तैनात किए गए हैं। सात सौ हेलीकॉप्टर भी इस काम में लगाए गए हैं।

सैकड़ों घरों में बिजली बहाल कर दी गई है लेकिन पीने के पानी की कमी से अभी तक पूरी तरह निपटा नहीं जा सका है। बारिश रुकने के बाद तापमान 33 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। ऐसे में करीब दो लाख लोग बिना पानी के चिलचिलाती धूप के नीचे रहने को मजबूर हैं। पानी उतरने के बाद सड़कों और घरों में कीचड़ जमा है। कई इमारतें धराशायी हो गई हैं। दो नदियों के बीच स्थित कुराशिकी का माबी जिला बांध टूटने के कारण जलमग्न हो गया है। भूस्खलन के कारण सबसे ज्यादा मौतें हिरोशिमा में हुई हैं। मलबा जमा होने के कारण हिरोशिमा की एक नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया जिसके बाद वहां के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है।

प्रधानमंत्री शिंजो एबी ने 36 वर्षो की सबसे भीषण बाढ़ के राहत कार्यो के लिए 315 करोड़ डॉलर (करीब 21 हजार करोड़ रुपये) और बुनियादी सुविधाओं के लिए 63 करोड़ डॉलर (करीब 4334 करोड़ रुपये) देने की घोषणा की है। सरकार ने जरूरत पड़ने पर बजट में बढ़ोतरी का भरोसा दिया है।

By Manish Negi