विवादित कुरिल द्वीप समूह पर पुतिन के दौरे से भड़का तनाव, रूस और जापान के बीच फिर गहराया पुराना सीमा विवाद
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हालिया द्वीप समूह दौरे से रूस और जापान के बीच क्षेत्रीय विवाद फिर गहरा गया है। इससे नेमुरो शहर के निवासियों में चिंता है।

विवादित द्वीप समूह पर पुतिन के दौरे से भड़का विवाद
HighLights
पुतिन के द्वीप समूह दौरे से रूस-जापान विवाद फिर गहराया।
नेमुरो के लोग जापान के दावे का समर्थन करते हैं।
शहर की अर्थव्यवस्था पर विवाद बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
डिजिटल डेस्क, नेमुरो। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में एक ऐसे द्वीप समूह का दौरा किया, जिससे रूस और जापान के बीच इस द्वीप को लेकर विवाद फिर उभर गया है।
उनके दौरे ने द्वीप समूह के समीपवर्ती जापानी शहर नेमुरो के निवासियों को चिंतित कर दिया है। रूस और जापान दोनों इस द्वीप समूह पर दावा करते हैं।
उत्तरी जापान का यह शहर मुख्य रूप से मछली पकड़ने और इससे जुड़े कारोबार पर निर्भर है। यहां के लोग द्वीप समूह पर जापान के दावे का समर्थन करते हैं। हालांकि उत्तरी होक्काइडा द्वीप पर स्थित यह शहर व्यापार और मछली पकड़ने के अधिकार के लिए रूस पर निर्भर है।
यहां के मेयर मासातोशी इशिगाकी ने पुतिन के दौरे को लेकर चिंता व्यक्त की है और यह अंदेशा जताया है कि विवाद बढ़ने से शहर की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा, "जब जापान और रूस के बीच तनाव बढ़ता है तो इसका असर यहां महसूस किया जाता है।" इस द्वीप समूह को जापान में उत्तरी क्षेत्र और रूस में दक्षिणी कुरिल द्वीप समूह के तौर पर जाना जाता है। यह क्षेत्र 1945 में उस समय से विवादित है, जब द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम सप्ताहों के दौरान मास्को ने इस पर कब्जा कर लिया था।
जापान वर्षों से यह मांग कर रहा है कि रूस इस द्वीप समूह के चार में से दो द्वीपों को मुक्त कर दे, लेकिन मास्को इसका विरोध करता है। इस विवाद के कारण दोनों देशों के बीच आज तक कोई औपचारिक शांति समझौता नहीं हो सका है।
