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अब जमीन के नीचे और समुद्र की गहराइयों में भी मिलेगा रास्ता, वैज्ञानिकों ने खोजा GPS का ऑप्शन

Published: Wed, 26 Aug 2026 08:23 PM (IST)

जापानी वैज्ञानिकों ने GPS के विकल्प के तौर पर म्यूओमेट्रिक वायरलेस नेविगेशन सिस्टम (MuWNS) विकसित किया है।

जापान ने GPS का नया म्यूऑन-आधारित विकल्प विकसित किया (सांकेतिक तस्वीर)

जापान ने GPS का नया म्यूऑन-आधारित विकल्प विकसित किया (सांकेतिक तस्वीर)

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डिजिटल डेस्क, टोक्यो। नेविगेशन के लिए GPS आज हर जगह जरूरी हो गया है। लेकिन इसकी एक बड़ी खामी है यह पानी, चट्टानों या जमीन के नीचे गहरी जगहों में सिग्नल नहीं पहुंचा पाता।

इस समस्या के समाधान के लिए जापान के वैज्ञानिक अब एक वैकल्पिक सिस्टम का ट्रायल कर रहे हैं, जो सैटेलाइट के बजाय कॉस्मिक किरणों से आने वाले कणों का इस्तेमाल करता है।

म्यूऑन आधारित MuWNS सिस्टम

Ars टेकनिका की रिपोर्ट के अनुसार, इस सिस्टम का नाम म्यूओमेट्रिक वायरलेस नेविगेशन सिस्टम (MuWNS) है। यह ‘म्यूऑन’ नाम के प्राकृतिक कणों की मदद से उन जगहों परर भी लोकेशन बताता है, जहां GPS काम नहीं करता।

वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में यह तकनीक खोज-बचाव कार्यों में रोबोटों को रास्ता दिखाने, जमीन के अंदर ऑटोमैटिक वाहनों को मदद करने और सैटेलाइट सिग्नल रहित क्षेत्रों में नेविगेशन सुधारने में उपयोगी साबित हो सकती है।

कॉस्मिक किरणें कैसे मदद करती हैं?

कॉस्मिक किरणें लगातार म्यूऑन कण पैदा करती रहती हैं, जो पृथ्वी पर गिरते हैं। GPS के रेडियो सिग्नल के उलट म्यूऑन घनी चीजों जैसे पानी और मोटी चट्टानों से भी गुजर सकते हैं।

टोक्यो विश्वविद्यालय के हिरोयुकी तनाका ने कहा, 'कॉस्मिक किरणों से मिलने वाले म्यूऑन पृथ्वी पर समान रूप से गिरते हैं और हमेशा एक जैसी गति से चलते हैं।

वे कई किलोमीटर मोटी चट्टान को भी भेद सकते हैं। अब हमने म्यूऑन का इस्तेमाल कर नया GPS जैसा सिस्टम muPS विकसित किया है, जो जमीन के नीचे, घर के अंदर और पानी के नीचे काम करता है।'

कैसे काम करता है यह सिस्टम?

यह तकनीक जमीन के ऊपर लगे रेफरेंस स्टेशनों और नीचे लगे म्यूऑन डिटेक्टर रिसीवर का इस्तेमाल करती है। कणों को मापकर और सिंक्रोनाइज्ड घड़ियों से रिसीवर की सही जगह पता लगाई जाती है।

म्यूऑन तकनीक नई नहीं है। वैज्ञानिक पहले ज्वालामुखी अध्ययन, पुरानी संरचनाओं की जांच और पिरामिडों के अंदर छिपी जगहें खोजने में इसका इस्तेमाल कर चुके हैं। अब जापानी शोधकर्ता इसे नेविगेशन समस्या हल करने के लिए आजमा रहे हैं।

बेसमेंट में सफल परीक्षण

पुराने संस्करण में रिसीवर को तारों से जोड़ना पड़ता था, जिससे दायरा सीमित था। नया MuWNS वायरलेस है और सटीक क्वार्ट्ज घड़ियों से सिंक्रोनाइज होता है।

एक परीक्षण में छठी मंजिल पर रेफरेंस स्टेशन लगाए गए और व्यक्ति रिसीवर लेकर बेसमेंट गलियारों में चला। सिस्टम ने उसके रास्ते को सफलतापूर्वक ट्रैक किया। सटीकता 2 से 25 मीटर और रेंज 100 मीटर तक बताई गई।

तनाका ने कहा, 'यह शहरी इलाकों में सिंगल-पॉइंट GPS जितना अच्छा या बेहतर है।' लेकिन रोजमर्रा इस्तेमाल के लिए यह अभी तैयार नहीं है। लोगों को एक मीटर सटीकता चाहिए, जिसके लिए समय सिंक्रोनाइजेशन और सुधारना होगा।