टोक्यो, एएनआइ। जापानी प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा द्वारा ताइवान को एक देश बताने पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बता दें कि इस स्व-शासित द्वीप को ड्रैगन अपना हिस्सा' मानता है, तो वहीं ताइवान खुद को स्वतंत्र देश समझता है। बुधवार को विपक्षी नेताओं के साथ अपनी पहली आमने-सामने की संसदीय बहस में, सुगा ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ताइवान का नाम लेते हुए कहा कि ये तीन देश कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए निजी अधिकारों पर कड़े प्रतिबंध लगा रहे हैं। क्योडो न्यूज ने यह जानकारी दी। ताइवान को आमतौर पर जापान में 'क्षेत्र' कहा जाता है।

दोनों देश सात दशकों से अधिक समय से अलग-अलग शासित हैं। इसके बाद भी चीन ताइवान पर पूर्ण संप्रभुता का दावा करता है। दूसरी ओर, ताइपे ने अमेरिका सहित अन्य देश के साथ रणनीतिक संबंधों को बढ़ाकर चीनी आक्रामकता का मुकाबला किया है, जिसका बीजिंग द्वारा बार-बार विरोध किया जाता है। चीन ने धमकी दी है कि 'ताइवान की आजादी' का मतलब युद्ध है।

सुगा ने ताइवान को ऐसे समय में देश बताया है जब टोक्यो और बीजिंग पहले से ही कई मुद्दों आमने सामने हैं। इसमें पूर्वी चीन सागर को लेकर क्षेत्रीय विवाद और हांगकांग पर कार्रवाई शामिल है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने गुरुवार को कहा किचीन ने जापान की टिप्पणी पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है और इसके खिलाफ गंभीर विरोध दर्ज कराया है। 

सुगा की सरकार लोकतांत्रिक ताइवान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत कर रही है। हाल ही में, जापान ने ताइवान को 12 लाख से अधिक कोरोना वैक्सीन की खुराक दान किए थे। चीन ने टीके दान करने के लिए जापान को लताड़ा था और इसे राजनीतिक कदम बताया था। अप्रैल में वाशिंगटन में अपने शिखर सम्मेलन में, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ सुगा ने ताइवान स्ट्रेट में शांति और स्थिरता के महत्व को चर्चा की थी। यह 52 वर्षों में पहली बार था जब जापानी और अमेरिकी नेताओं ने एक संयुक्त बयान में ताइवान का उल्लेख किया।

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