टोक्यो (रायटर्स)। मध्य पूर्वी देश सीरिया में 2011 में हुए गृह युद्ध के बाद वहां से कई नागिरक भाग कर अन्य देशों में शऱण की तलाश करने लगे। मंगलवार को दो सीरियाई शरणार्थी जो जापान में आश्रय की तलाश कर रहे थे उन्हें सरकार ने शरणार्थी की पहचान देने से इनकार कर दिया। उनमें से एक अभियोगी जुडेफ ने कहा, "दुनिया सीरियाई स्थिति को समझती है कि यह बद से बदतर होती जा रही है। लेकिन जापानी यह बिल्कुल नहीं समझता है। अरबी भाषा में बोलते हुए यूसुफ ने कहा कि उसने जापान अदालत के निर्णय को अपील करने की योजना बनाई है। 

वकीलों ने कहा कि यूसुफ को जापान में एक मानवतावादी स्थिति के तहत रहने का अधिकार है लेकिन उसे पूर्ण शरणार्थी अधिकार नहीं दिया जा सकता है। आपको बता दें कि 1970 के दशक से अप्रवास और शरणार्थ जापान में संवेदनशील विषय हैं। यूसुफ उत्तरी सीरिया का एक कुर्द युवक है जिसने 2012 में जापान में शरण पाने के लिए आवेदन किया था। जापानी सरकार ने एक साल बाद इस युसूफ के इस दावे को ये कहकर खारिज कर दिया कि उसके पास सबूत के तौर पर पर्याप्त दस्तावेज नहीं है।

दूसरे अभयेजक ने सीरिया में सैन्य सेवा देने से इनकार करते हुए जापान में आश्रय का दावा किया था। जानकारी के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों के लिए एक प्रमुख दाता जापान शरणार्थियों को स्वीकार करने में अनिच्छुक नजर आ रहा है। जापान ने कहा है कि शरण लेने वालों में से अधिकांश आर्थिक कारणों से ऐसा करते हैं। जनवरी में आश्रय की चाह रखने वाले के अधिकारों को सीमित कर दिया गया क्योंकि उन्हें ऐसा लगता था कि वे शरणार्थी नियम और आश्रय नियमों का दुरुपयोग कर रहे हैं। यूएन शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक, 2011 से अब तक 5 लाख से अधिक लोग सीरिया से भाग गए हैं, जो मध्य पूर्वी देशों और यूरोप में सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उस दौरान जापान में कुछ 81 सीरियाई नागरिकों को जापान में आश्रय दिया गया लेकिन उनमें केवल 12 को ही शरणार्थी की पहचान दी गई थी। 

Posted By: Srishti Verma