टोक्यो, रायटर। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने संसद को भंग कर दिया है। इसी के साथ 31 अक्टूबर को आम चुनाव कराए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। किशिदा ने कहा कि वह अपनी नीतियों पर जनादेश चाहते हैं।  11 दिन पहले प्रधानमंत्री बनने वाले किशिदा ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, 'मैं चुनाव का इस्तेमाल लोगों से यह कहने के लिए करना चाहता हूं कि हमारा प्रयास क्या है और हमारा लक्ष्य क्या है।'

हालिया सर्वे के अनुसार, जापानी मतदाता महामारी खत्म करने और अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए निर्णायक योजना वाली सरकार चाहते हैं। सानकेइ अखबार के सर्वेक्षण के मुताबिक, करीब 48 फीसद मतदाताओं ने कहा है कि वे चाहते हैं कि किशिदा प्रशासन सबसे ज्यादा कोरोना वायरस पर काम करे। इसके बाद आर्थिक सुधार और रोजगार पर काम करे। 

बता दें कि गत चार अक्टूबर किशिदा ने योशीहिदे सुगा की जगह ली थी। वह प्रधानमंत्री पद संभालने के साथ ही देश में 31 अक्टूबर को आम चुनाव कराने का एलान किया था। किशिदा को एक शांत उदारवादी के रूप में जाना जाता था, लेकिन जाहिर तौर पर पार्टी में प्रभावशाली रूढ़िवादियों का समर्थन हासिल करने के लिए उन्होंने आक्रामक नेता की छवि बनाई। जानकारों का कहना है कि वह पहले चुनाव इसलिए कराना चाहते हैं ताकि वह समर्थन जुटाने के लिए अपनी सरकार की ताजा छवि का लाभ उठा सकें।