जापान के शाही कानून का संशोधन लागू, केवल पुरुषों को ही मिलेगा उत्तराधिकार का अधिकार
जापान के शाही परिवार कानून में हुए बदलाव शनिवार से लागू हो गए हैं, जो उत्तराधिकार के लिए केवल पुरुषों ...और पढ़ें


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डिजिटल डेस्क, टोक्यो। जापान के शाही परिवार कानून में किए गए वे बदलाव शनिवार से लागू हो गए हैं, जो उत्तराधिकार के लिए केवल पुरुषों को ही योग्य मानते हैं। नए नियमों से जापान की 1500 साल पुरानी राजशाही में ऐतिहासिक बदलाव आने की उम्मीद है।
इन बदलावों में दूर के पुरुष रिश्तेदारों को, जिनका पालन-पोषण आम लोगों के रूप में हुआ हो, शाही परिवार का सदस्य बनने और भविष्य के उत्तराधिकारियों का पिता बनने की अनुमति देना और राजकुमारियों को आम लोगों से शादी करने के बाद भी अपना शाही दर्जा बनाए रखने की अनुमति देना शामिल है।
लेकिन संशोधित कानून सम्राट नारुहितो की बेहद लोकप्रिय बेटी, 24 वर्षीय राजकुमारी आइको को उनका उत्तराधिकारी बनने से रोकता है, और भविष्य में उनके होने वाले बच्चों को भी शाही दर्जा पाने से रोकता है।
आलोचकों का कहना है कि इन बदलावों से लोगों के साथ उनके पारिवारिक बैकग्राउंड या लिंग के आधार पर भेदभाव होता है, और ये शाही परिवार के युवा सदस्यों पर पुरुष संतान पैदा करने का दबाव डालते हैं। इंपीरियल हाउसहोल्ड एजेंसी ने कहा है कि अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि इन उपायों को कैसे लागू किया जाए।
केवल पुरुषों के उत्तराधिकार के नियम का मतलब है कि यह क्रम सम्राट के छोटे भाई अकिशिनो और फिर उनके 20 वर्षीय भतीजे राजकुमार हिसाहितो तक जाना चाहिए। उनके बाद इस क्रम में सम्राट के 90 वर्षीय चाचा आते हैं।
(समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)
