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इंडोनेशिया में हिंदू त्योहार का अपमान करना पड़ा भारी, स्विट्जलैंड के पर्यटक को एक साल की जेल

Published: Sat, 22 Aug 2026 09:30 PM (GMT+05:30)

स्विट्जरलैंड के एक पर्यटक को इंडोनेशिया में हिंदू त्योहार 'न्योपी' का अपमान करने के आरोप में एक साल की जेल हुई है।

बाली में हिंदू त्योहार का अपमान अपमान करने पर स्विट्जलैंड के पर्यटक जेल।

बाली में हिंदू त्योहार का अपमान अपमान करने पर स्विट्जलैंड के पर्यटक जेल।

HighLights

  1. स्विस नागरिक को न्योपी त्योहार के अपमान पर एक साल की जेल।

  2. इंस्टाग्राम पर पाबंदियों का उल्लंघन करते हुए वीडियो पोस्ट किया।

  3. बाली के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची।

डिजिटल डेस्क, जकार्ता। स्विट्जलैंड के एक कंस्ट्रक्शन वर्कर लुजियन एंड्रिन जग्रागेन को इंडोनेशियाई कानून तोड़ने का दोषी पाया गया, क्योंकि एक हिंदू रीति-रिवाज का उल्लंघन किया और इंस्टाग्राम पर उसका अपमान किया। जिसके लिए उसे एक साल की सजा सुनाई गई है।

लुजियन एंड्रिन जग्रागेन ने एक वीडियो बनाया और उसे अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने 'न्योपी' त्योहार को दौरान खाली पड़े समुद्र तट को क्रेजी कहा।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, उसने त्योहार के दौरान लागू पाबंदियों को तोड़ने हुए अपना एक वीडियो बनाया और उसमें अपशब्दों वाला कैप्शन लिखा। वीडियो रिकॉर्ड करते हुए उसने सोशल मीडिया पर कहा कि मैं समुद्र तट तक पहुंच गया। वे मुझे पकड़ नहीं पाए। चारों तरफ अंधेरा है। यहां कोई नहीं है, बहुत ही क्रेजी।

स्विट्जलैंड का पर्यटक गिरफ्तार

जग्रागेन को तब गिरफ्तार किया गया जब उसके शेयर किए गए वीडियो से सोशल मीडिया पर बाली के लोगों में गुस्सा फैल गया।

'न्येपी' बाली का एक सालाना त्योहार

'न्येपी' बाली का एक सालाना त्योहार है, जिसे 'साइलेंट डे' भी कहा जाता है। इस दिन लोग चुप रहते हैं, व्रत रखते हैं और ध्यान करते हैं। पूरा द्वीप बंद रहता है और लोगों को 24 घंटे के घर के अंदर रहना होता है। बाली में सभी से चाहे वे किसी भी धर्म के हों या पर्यटक हों, इन पाबंदियों का सम्मान करने की उम्मीद की जाती है।

इंटरनेट का इस्तेमाल सीमित कर दिया जाता है, द्वीप का हवाई अड्डा बंद हो जाता है और बिजली का इस्तेमाल भी मना होता है।

लुजियन एंड्रिन जग्रागेन के पोस्ट से भड़का लोगों का गुस्सा

समाचार एपी की रिपोर्ट के अनुसार, जज ने कहा कि आरोपी ने जो किया, उससे बाली के लोगों को ठेस पहुंची, उनकी आस्था को चोट लगी और लोगों का गुस्सा भड़का।

जग्रागेन ने कहा कि वह पाबंदियों की गंभीरता को समझ नहीं पाया था और उसका मकसद रीति-रिवाज या बाली के लोगों का अपमान करना नहीं था। उसने अदालत में कहा कि मैंने जो किया, उस पर मुझे गहरा अफसोस है। मैं बाली के लोगों से माफी मांगता हूं।

बाली में 'न्योपी' के दौरान सांस्कृतिक कानूनों को सख्ती से किया जाता है लागू

बाली 'न्योपी' के दौरान अपने सांस्कृतिक कानूनों को सख्ती से लागू करता है। अगर विदेशी पर्यटक इन नियमों का उल्लंघन करते है, तो उन्हें तुरंत हिरासत में लिया जा सकता है, देश से निकाला जा सकता है या जुर्माना भरना पड़ सकता है।

चूंकि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या बढ़कर रिकॉर्ड 70 लाख तक पहुंच गई है, इसलिए बाली के अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने पर्यटकों को बुरे व्यवहार में भी बढ़ोतरी देखी है।