जकार्ता, रॉयटर्स।  इंडोनेशियाई गोताखोर गुरुवार से दुर्घटनाग्रस्त हवाई जहाज श्रीविजय जेट (Sriwijaya Air plane) के लापता ब्लैक बॉक्स, वॉयस रिकॉर्डर की खोज दोबारा शुरू करेगी जो पहले खराब मौसम को देखते हुए रोक दी गई थी। इसमें 62 लोग सवार थे जो दुर्घटना के बाद हवाई जहाज के साथ लापता हो गए। 

 श्रीविजय एयरलाइंस की उड़ान संख्‍या SJ182 ने जकार्ता एयरपोर्ट से गत शनिवार दोपहर 1:46 बजे उड़ान भरी थी और इसके मात्र पंद्रह मिनट बाद दोपहर 2:04 बजे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर का सपंर्क टूट गया। यह उड़ान देश की राजधानी जकार्ता से पोंटियनाक जा रही थी जिसका पूरा सफर 90 मिनट का था। 

श्रीविजय एयरलाइंस के विमान (बोईंग 737-500) के क्रैश होने के बाद से ही बचाव दल लगातार जावा सागर की खाक छान रहे हैं। बता दें कि राजधानी जकार्ता स्थित जावा समुद्र में तलाशी अभियान के तहत उतरे बचाव दल के गोताखोरों को हवाई जहाज के मलबे के अलावा शरीर के अंग भी मिले। जकार्ता पुलिस के प्रवक्‍ता के मुताबिक इसमें एक व्‍यक्ति की लाश और कुछ शरीर के अंग शामिल हैं। इस बीच खोज में लगे इंडोनेशिया की नेवी के जहाज को विमान के ब्‍लैक बॉक्‍स से सिग्‍नल मिले हैं। ये सिग्‍नल 25 मीटर की गहराई से मिले हैं। इसके बाद तलाश तेज कर दी गई है।

इस रेस्क्यू अभियान के तहत मानवरहित यान को समुद्र में उतारा है, जो गोताखोरों को लोगों को ढूंढ़ने में मदद करेगा। वहीं, दुर्घटनाग्रस्त विमान में सवार लोगों के परिजनों ने 53 डीएनए सैंपल्स को आपदा पीड़ित पहचान (DVI) टीम को दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने धमाके की आवाज सुनने की बात कही, एक मछुआरे का कहना है कि विमान काफी तेजी से समुद्र में जाकर गिरा और इसके बाद पानी में धमाका हो गया।

फ्लाइट रडार 24 ट्रैकिंग डाटा के अनुसार, यह विमान करीब 27 साल पुराना था। जबकि विशेषज्ञ एक नागरिक विमान की आयु करीब 25 साल बताई है।

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