बीजिंग, प्रेट्र। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने नेपाल में अपनी ही पार्टी के विरोध में फंसे प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को ताकत देने वाला संदेश भेजा है। चिनफिंग ने कहा है कि वह नेपाल के साथ संबंधों में आई मजबूती को और बढ़ाना चाहते हैं। ओली को चीन समर्थक माना जाता है। ओली के हाल के भारत विरोधी कदमों को उनका चीन को खुश करने का प्रयास माना जाता है।

दोनों देशों ने एक-दूसरे का हमेशा किया सम्मान: जिनपिंग

चीन और नेपाल के कूटनीतिक संबंधों की 65 वर्षगांठ पर नेपाल की अपनी समकक्ष विद्या देवी भंडारी को भेजे शुभकामना संदेश में चिनफिंग ने कहा है कि वह दोनों देशों के नागरिकों के ज्यादा फायदे के लिए साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। चीन के राष्ट्रपति ने कहा है कि वह नेपाल के साथ अपने संबंधों को बड़ा महत्व देते हैं और इस लिहाज से साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधों के विकास के इच्छुक हैं। संदेश में कहा है कि दोनों देशों के जब से कूटनीतिक संबंध बने हैं, दोनों देशों ने ही एक-दूसरे का हमेशा सम्मान किया है। बराबरी का व्यवहार किया है। राजनीतिक भरोसे को कायम रखते हुए आपसी फायदे वाले समझौते और सहयोग किए हैं।

चिनफिंग ने कहा, विकास और समृद्धि के रास्ते खुले

2019 में भंडारी के साथ हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए चिनफिंग ने कहा है कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों के रणनीतिक साझेदारी में बदलने से हमारी दोस्ती और मजबूत हुई है। इससे विकास और समृद्धि के लिए रास्ते खुले हैं। इसी के चलते हम कोविड-19 महामारी का बेहतर ढंग से मुकाबला करने में सक्षम हुए। चिनफिंग ने यह संदेश भंडारी के शुभकामना संदेश के जवाब में भेजा है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार चीन के प्रधानमंत्री ली कछ्यांग ने भी अपने नेपाली समकक्ष ओली को शुभकामना संदेश भेजा है।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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