वाशिंगटन, एजेंसी। ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव गहराता जा रहा है। एक ओर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने श्वेत पत्र जारी कर ताइवान पर कब्‍जा करने के लिए बल प्रयोग किए जाने की चेतावनी दी है तो दूसरी ओर अमेरिका ने भी ताइवान जलडमरूमध्य में स्वतंत्रत आवागमन की प्रतिबद्धता दिखाई है। इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंकाएं जताई जा रही हैं। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका आने वाले हफ्तों के दौरान ताइवान जलडमरूमध्य में स्‍वतंत्र हवाई और समुद्री आवाजाही करने के लिए तैयार है।

समाचार एजेंसी एएनआइ ने अल जजीरा (Al Jazeera) की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि एशिया-प्रशांत मामलों के व्हाइट हाउस के समन्वयक और राष्ट्रपति जो बाइडन के सलाहकार कर्ट कैंपबेल ने कहा कि चीन से जारी तनाव के बावजूद अमेरिका क्षेत्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत क्षेत्र में उड़ान भरना, नौकायन और जल मार्ग संचालन करना जारी रखेगा। इसमें ताइवान जलडमरूमध्य से हवाई और समुद्री आवागमन भी शामिल है।

अमेरिका का कहना है कि इसे आने वाले कुछ ही हफ्तों में अंजाम दिया जाएगा। ताजा हालात पर चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका इन कदमों के जरिए चीन को सीधी चुनौती देना चाहता है। चीन के विश्लेषक एंड्रयू लेउंग (Andrew Leung) ने कहा कि ताइवान को लेकर अमेरिका का कदम चीन के प्रति उसकी आधिकारिक नीति के खिलाफ है। अमेरिका वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों को ताइवान भेजकर इस नीति को खोखला करने का काम किया है।

एंड्रयू लेउंग (Andrew Leung) ने कहा कि इस तरह की यात्राओं से ताइवान को एक अलग देश के रूप में राजनयिक स्थान मिलता है। मालूम हो कि इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी की यात्रा से बौखलाए चीन ने ताइवान के आसपास अपना सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास किया। चीन ताइवान को अपना हिस्‍सा मानता है लेकिन ताइवान लगातार इसे नकारता रहा है। चीन अमेरिका पर वन चाइना नीति के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।  

Edited By: Krishna Bihari Singh