बीजिंग, एएनआइ। चीन ने बुधवार को देश के विभिन्न हिस्सों में उच्च तापमान और लू के लिए येलो अलर्ट जारी किया। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि शांक्सी, शानक्सी, गांसु, सिचुआन, चोंगकिंग, हेनान, अनहुई, हुबेई, हुनान, जियांग्शी, झेजियांग, फुजियान, ग्वांगडोंग, हैनान, झिंजियांग और आंतरिक मंगोलिया के कई हिस्सों में दिन में तापमान 35 से 36 डिग्री तक दर्ज होने की उम्मीद है। पूर्वानुमान में यह भी उल्लेख किया गया है कि इनमें से कुछ क्षेत्रों में तापमान 39 या 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

लोगों को दिन में घर में रहने की दी गई सलाह

स्थानीय मीडिया ने बताया कि लोगों को दिन में बाहर काम करने से बचने और उच्च तापमान के संपर्क में आने वाले श्रमिकों को लू से बचने के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है। देश में चार-स्तरीय रंग-कोडित मौसम चेतावनी प्रणाली का पालन किया जाता है जिसमें लाल रंग सबसे गंभीर चेतावनी का प्रतिनिधित्व करता है। उसके बाद नारंगी, पीला और नीला रंग होता है।

इससे पहले, सोमवार को चीन के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (China National Meteorological Center) ने देश के कई हिस्सों में आंधी तूफान के लिए येलो अलर्ट जारी किया था।

सुरक्षा उपाय करने के निर्देश

तेज आंधी और भारी बारिश के कारण केंद्र ने खतरनाक क्षेत्रों में बाहरी संचालन को रोकने की भी सलाह दी है। इसके साथ ही, हवाई अड्डों, रेलवे, एक्सप्रेसवे और जल परिवहन इकाइयों से कर्मियों और यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उड़ान प्रतिबंध, गति सीमा या अस्थायी बंद जैसे सुरक्षा उपाय करने का आग्रह किया है।

  • केंद्र ने स्थानीय अधिकारियों को बारिश, गरज, आंधी और ओलावृष्टि के लिए तैयार रहने और अचानक आने वाली बाढ़, भूस्खलन और भूस्खलन के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी थी।
  • परिवहन अधिकारियों को जल-जमाव वाली सड़कों पर यातायात को चुस्त दुरुस्त करने के लिए कहा गया था।
  • ड्राइवरों को भी सतर्क कर दिया गया था।

बारिश ने मचाई थी भीषण तबाही

भारी बारिश से निपटने के लिए, चीन ने पहले अपने बाढ़ नियंत्रण आपातकालीन प्रतिक्रिया को स्तर II में अपग्रेड किया था। प्रांतीय बाढ़ नियंत्रण मुख्यालय के अनुसार, पिछले मंगलवार को चीन के जियांग्शी प्रांत में भारी बारिश के कारण कुल 548,000 लोग प्रभावित हुए थे। स्थानीय मौसम विभाग ने इस सप्ताह प्रांत में और बारिश की भविष्यवाणी की थी। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, 28 मई से हो रही मूसलाधार बारिश और बारिश के कारण आई बाढ़ ने सूबे के 80 प्रांतों में कहर बरपा रखा है.

Edited By: Achyut Kumar