कजाकिस्तान, एएनआइ।  शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों को यातना दिए जाने की सच्चाई पूरी दुनिया में सामने आने के बाद अब चीन झूठ फैलाने की कोशिश कर रहा है। अपनी करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश में चीन ने डॉक्यूमेंट्री् फिल्म का प्रोपगैंडा फैलाया है। उसने उइगरों पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाकर यह फैलाने की कोशिश शुरू कर दी है कि शिनजियांग में सब कुछ ठीक है। उइगर वहां खुशहाल हैं।

चीन की इस वीडियो पर उइगर कार्यकर्ताओं ने कहा है कि यह झूठी वीडियो हैं। अपने ऊपर लगे कलंक को चीन ऐसी वीडियो से मिटा नहीं पाएगा। उइगर के अधिकारों के लिए लड़ने वाले फरंगिस नजीबुल्लाह ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उइगरों के मामले में भटकाने का प्रयास कर रहा है।

चीन ने शिनजियांग पर एक डॉक्यूमेंटरी 'द माउंटेंस- लाइफ ऑफ शिनजियांग' बनाई है। इसमें शिनजियांग के उइगरों के साक्षात्कार लिए हैं, जो कह रहे हैं कि वे यहां बहुत खुश हैं। इस डॉक्यूमेंटरी को कई भाषाओं में बनाने से चीन का मकसद साफ दिखाई दे रहा है कि वह वास्तविकता से अलग झूठा प्रचार कर अपनी छवि को साफ करने की कोशिश कर रहा है।

इस डॉक्यूमेंट्री में उइगर समुदाय की स्थिति अच्छी दिखाई गई है। युवा उइगर (Uyghur) कहता दिख रहा है कि उसने काशगर के ऐतिहासिक ओल्ड सिटी में अपना कॉफी शॉप खोला है और यह उसके सपने का सच होने जैसा है। वहीं एक युवा मुस्लिम महिला अपने सुदूर गांव से शहर में शिफ्ट हो गई है जहां फैक्ट्री में नौकरी कर अच्छे पैसे कमा लेती है। इससे उसके परिवार की अच्छी जिंदगी कट रही है। वहीं उइगर समुदाय की एक बिजनेस करने वाली महिला को दिखाया गया जो अपने समुदाय की युवा लड़कियों को परंपरागत सोच को चुनौती देकर आगे बढ़ने को कहती है और पश्चिमी स्टाइल के शादी के ड्रेस चुनने को कहती है।

तुर्की भाषा बोलने वाला यह उइगर समुदाय कज़ाखस्तान और किर्गिस्तान जैसे देशों से हैं जो चीन के शिनजियांग हिस्से में रहते हैं। चीन के पश्चिमी भाग में स्थित शिनजियांग है जहां से रूस, कज़ाखस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान, भारत और मंगोलिया की सीमाएं आपस में मिलती है। 1949 से चीन के नियंत्रण में शिनजियांग का नाम पूर्वी तुर्किस्तान समुदाय में लोकप्रिय है।

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