बीजिंग। उत्‍तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम मौजूदा समय में कई देशों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। खास तौर से दक्षिण कोरिया और अमेरिका के लिए, जिन्‍होंने उत्‍तर कोरिया के खिलाफ एक दूसरे से हाथ मिलाया है। हालांकि चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि उत्‍तर कोरिया और अमेरिका को इस संबंध में एक दूसरे से बात करनी चाहिए।

'ग्‍लोबल टाइम्‍स' के अनुसार, विशेषज्ञों ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत से कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्‍त बनाने की दिशा में बेहद सार्थक साबित होगा। गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका द्वारा उत्‍तर कोरिया से बातचीत की इच्‍छा जताने के बाद चीनी विशेषज्ञों की यह राय सामने आई है।

'वाशिंगटन पोस्‍ट' ने साेमवार को उपराष्‍ट्रपति माइक पेंस के हवाले से कहा था कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने आगे भी सहयोग जारी रखने और यहां तक कि उत्‍तर कोरिया से बातचीत को लेकर भी शर्तों पर सहमति जताई है। उनकी नई योजना में बातचीत के साथ उत्‍तर कोरिया पर दबाव बनाए रखना भी शामिल है।

कहा गया कि तब तक दबाव खत्‍म नहीं होगा, जब तक कि यह यकीन ना हो जाए कि वह वाकई में परमाणु मुक्‍त होने की दिशा में सार्थक कदम उठा रहा है। इसलिए अधिकतम दबाव बनाए रखने का अभियान जारी रहेगा और इसमें विस्‍तार भी होगा। मगर उत्‍तर कोरिया बात करना चाहेगा तो बात भी किया जाएगा।

गौरतलब है कि अमेरिका की यह नई योजना ऐसे समय में सामने आई है कि जब विंटर ओलंपिक गेम्‍स के बहाने उत्‍तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच तनावपूर्ण माहौल में कमी आई है और अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय ने इसका स्‍वागत भी किया है। हालांकि उद्घाटन समारोह में शामिल हुए अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति ने उत्‍तर कोरियाई तानाशाह की बहन से कोई बातचीत नहीं की थी, जबकि वह उनके ठीक बगल में ही बैठी थीं। 

By Pratibha Kumari