वाशिंगटन, रायटर। चीन के शिनजियांग प्रांत में मुस्लिम महिलाओं के साथ नियोजित तरीके से बड़े स्तर पर सामूहिक दुष्कर्म किए जा रहे हैं। यहां महिलाओं का शारीरिक शोषण, अत्याचार बढ़ रहे हैं। यातना की ये घटनाएं पूरे विश्व को हैरान करने वाली हैं। इन घटनाओं को लेकर अमेरिका बेहद चिंतित है। बुधवार को बीबीसी ने इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट दी है। यातना दिए जाने वाले इन शिविरों में पूर्व में रहीं और ड्यूटी देती रहीं महिलाओं से भी यहां के अत्याचारों के बारे में जानकारी हासिल की गई है।

मुस्लिम महिलाओं पर अमानवीय अत्‍याचार

अमेरिका की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता से जब इस पर टिप्पणी करने के लिए कहा गया तो उनका कहना था कि ये जानकारियां परेशान करने वाली हैं। इन शिविरों में जिस तरह से नियोजित तरीके से उइगर व अन्य मुस्लिम महिलाओं के साथ यौन शोषण हो रहा है, वह घोर अमानवीय है। प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका पहले ही यहां की घटनाओं को मानवता के खिलाफ और नरसंहार की संज्ञा दे चुका है।

जांचकर्ताओं को जाने दे चीन

अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि ये घटनाएं हैरान करने वाली हैं और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। चीन को तत्काल अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं को वहां जाने की अनुमति देनी चाहिए। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि इसके क्या गंभीर परिणाम होंगे, लेकिन कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों से बात करके इन अत्याचारों के संबंध में ठोस कार्रवाई पर बात करेगा। मालूम हो कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी चीन के शिनजियांग प्रांत हो रहे अत्याचारों के संबंध में इस देश पर कई प्रतिबंध लगा चुके हैं।

पोंपियो के बयान पर बौखला गया था चीन

उल्‍लेखनीय है कि पिछले महीने चीन ने तत्‍कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो के उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार के संबंध में दिए गए बयान को रद्दी का टुकड़ा बताया था। चीन का कहना था कि पोंपियो का शिनजियांग प्रांत में अल्पसंख्यक मुस्लिमों पर अत्याचार का आरोप महज सनसनी फैलाने के लिए दिया गया है। यह बयान दुर्भावनावश जारी किया गया है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा था कि माइक पोंपियो झूठ बोलने और धोखा देने के लिए कुख्यात हैं।