बीजिंग, रायटर्स। अमेरिका ने बीजिंग में होने वाले ओलंपिक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। इसके बाद चीन और अमेरिका के रिश्तों में और भी कड़वाहट आ गई है। अब अमेरिका के साथ यूके, कनाड़ा भी शामिल हो गए हैं। ये देश भी अमेरिका द्वारा विंटर ओलंपिक का बायकाट कर रहे हैं। अमेरिका का मानना है कि बीजिंग में फरवरी में होने वाले ओलंपिक में वह शामिल नहीं होगा क्योंकि चीन लगातार लोगों के मानवधिकारों का हनन कर रहा है। वहीं चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है। चीन ने मंगलवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अपने फैसले के लिए कीमत चुकाएगा।' वहीं अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने बढ़ते राजनयिक बहिष्कार को कम करने की मांग की।

उधर, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने कहा कि बीजिंग, चीन में मानवाधिकारों के बारे में लंबे समय से चली आ रही पश्चिमी चिंताओं से अवगत होगा। इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए कि हमने ओलंपिक में राजनयिक प्रतिनिधित्व नहीं भेजने का फैसला किया।' बता दें कि ट्रूडो का निर्णय हुआवेई टेक्नोलॉजीज कंपनी लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी मेंग वानझोउ के यू.एस. वारंट पर नजरबंदी से पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों  को और अधिक बढ़ाता है। वहीं कनाडा में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने ट्रूडो पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया है।

Edited By: Pooja Singh

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