समुद्र, 6 दिन और 200 KM का सफर, तैरकर इंसानों के पास वापस लौटी सील 'नाना', वजह जानकर लोग हुए भावुक
खुले समुद्र में छोड़े जाने के छह दिन बाद 'नाना' नामक सील 200 किलोमीटर तैरकर वापस डाचांगशान आइलैंड पर इंसानों के पास लौट आई।

सील नाना की अनोखी कहानी (फोटो- pexels)
डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीन के डालियान शहर से इंसानों और जानवरों के बीच लगाव की एक दिल छू लेने वाली कहानी चीन से सामने आई है। जहां 'नाना' नाम की एक सील को जब विशेषज्ञों द्वारा खुले समुद्र में 200 किलोमीटर दूर छोड़ दिया गया, तो वह महज छह दिन बाद वापस तैरकर उसी द्वीप (डाचांगशान आइलैंड) पर लौट आई, जहां उसने इंसानों की देखरेख में वक्त बिताया था।
सोशल मीडिया पर नाना नामक सील के वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। इसे देखकर लोग भावुक हो रहे हैं। लोगों का मानना है कि लंबे समय तक इंसानों की देखभाल में रहने के कारण सील इंसानों की मौजूदगी को डर के बजाय सुरक्षा और सुकून से जोड़कर देखने लगी है, जिसके चलते वह बार-बार इंसानी बस्ती के पास खिंची चली आती है।
क्या है पूरा मामला ?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, नाना करीब दो साल की है। उसे इसी महीने 7 सितंबर को खुले समुद्र में छोड़ा गया था, जिसके छह दिन बाद 13 सितंबर को वह दोबारा डाचांगशान आइलैंड के किनारे भागकर चली आई।
नाना सील जबू कई द्वीपों के पास से गुजरते हुए वापस डाचांगशान आइलैंड पहुंची तो वह काफी दुबली हो गई थी, विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी तैरने से वह दुबली हो गई है।
2024 के तूफान में मिली थी नाना
नाना नामक यह सील पहली बार सितंबर 2024 में एक तूफान के बाद चीन के गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र के समुद्र तट मिली थी। उस दौरान वह महज छह महीने की थी और उसके शरीर पर चोट के निशान थे। इस दौरान स्थानीय अधिकारियों ने उसकी देखभाल शुरू की और स्थानीय लोगों ने प्यार से उसे नाना नाम दिया।
नाना को दोबारा जंगली जीवन के लिए तैयार करने में बहुत लंबा वक्त लगा। नवंबर 2025 में उसे लियाओनिंग प्रांतीय इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन फिशरीज साइंसेज के समुद्री जीव संरक्षण केंद्र में भेजा गया, जहां उसे समुद्र में खुद रहने के लिए ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद समुद्र में खुद रहने के लिए ट्रेनिंग दी गई का प्रयास किया।
लेकन नाना ने दोबारा डाचांगशान आइलैंड पर पहुंच गई और वहां इंसानी गतिविधियों के बीच रहने लगी। क्योंकि, नाना इंसानों के बीच इतना घुल-मिल चुकी है कि वे उनसे बिल्कुल नहीं डरती है। नाना को डाचांगशान आइलैंड पर आने वाले लोगों के आसपास रहना और उनसे संपर्क करना पसंद है।
इंसानों को सुरक्षा से जोड़ चुकी है सील 'नाना'
डालियान ओशन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता वांग शिन के अनुसार, लंबे समय तक इंसानों की देखरेख में रहने के कारण सील 'नाना' के मन में इंसानों और सुरक्षित माहौल का गहरा संबंध बन गया है। यही वजह है कि खुले समुद्र में छोड़े जाने के बाद भी वह डरने की जगह सुरक्षा की तलाश में वापस डाचांगशान आइलैंड लौट आई। इस आइलैंड पर साफ पानी, पर्याप्त भोजन और अनुकूल माहौल भी उसकी वापसी का मुख्य कारण है।
प्रशासन की 'न दखल, न खाना' की अपील
नाना की कहानी भले ही लोगों का दिल जीत रही हो, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उसे खाना न दें और उसके पास न जाएं। अधिकारियों का कहना है कि अत्यधिक इंसानी दखल से वह तनाव में आ सकती है और इंसानों पर निर्भर होने से उसका प्राकृतिक जीवन में लौटना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए 'न दखल, न खाना' की नीति अपनाते हुए उसकी सुरक्षा और जागरूकता के लिए सोशल मीडिया पेज भी बनाया गया है।
