हांगकांग, रायटर। प्रमुख व्यापारिक केंद्र रहे हांगकांग में शनिवार को भी आंसू गैस के गोले और पेट्रोल बम चले। लोकतंत्र की मांग कर रहे आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच फिर टकराव हुआ। कई लोगों के घायल होने की खबर है। तीन महीने से ज्यादा समय से जारी आंदोलन चीन सरकार के लिए हाल के दशकों का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट माना जा रहा है।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच चला बिल्ली का खेल

प्रदर्शनकारी शनिवार को चीनी सेना और सरकारी के स्थानीय मुख्यालयों के नजदीक जा पहुंचे। वहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए जमीन पर बिछी ईंटों को उखाड़कर पुलिस पर फेंकना शुरू कर दिया। जब उन्हें काबू करने के लिए नीले रंग के पानी की तेज बौछार की गई तो प्रदर्शनकारी युवाओं ने पुलिसकर्मियों पर पेट्रोल बम फेंकने शुरू कर दिए।

नीली और हरी लेजर बीम से हमला 

इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को काबू करने की कोशिश की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच चल रहे चूहे-बिल्ली के खेल में पुलिसकर्मियों पर नीली और हरी लेजर बीम से भी हमला किया गया। इससे पुलिसकर्मियों की आंखें चौंधिया गईं और कुछ देर के लिए उन्हें दिखाई देना बंद हो गया। वानचाई रेस्टोरेंट एंड बार के नजदीक पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव हुआ। दोनों ओर से पथराव और लाठीचार्ज व आंसू गैस छोड़ी गई। यहां से पुलिस ने कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए हैं।

ब्रिटेन का उपनिवेश रहा हांगकांग 1997 में चीन के कब्जे में आया था। कुछ मामलों में मिली स्वायत्तता हांगकांग को रास नहीं आ रही, लोगों की दरकार लोकतंत्र की है। इसी को लेकर तीन महीने से वहां आंदोलन चल रहा है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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