बीजिंग, प्रेट्र : नकदी संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान की चीन ने एक बार फिर मदद की है। उसने विदेशी मुद्रा भंडार के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को 2.3 अरब डालर का कर्ज देने की घोषणा की है। चीन ने इससे पहले पकिस्तान को 4.5 अरब डालर का ऋण दिया था। फ्रांस ने जी-20 डेट सर्विस सस्पेंशन इनिशिएटिव (डीएसएसआइ) के तहत 10.7 करोड़ डालर के अपने कर्ज को निलंबित करने के लिए पाकिस्तान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। इसके बाद चीन ने पाकिस्तान को सहायता देने की घोषणा की है।

चीन देगा 2.3 अरब डालर का कर्ज

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने संवाददाताओं से कहा, चीन और पाकिस्तान हर परिस्थिति में रणनीतिक साझेदार हैं। चीन हमेशा अर्थव्यवस्था को बढ़ाने, आजीविका में सुधार और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में पाकिस्तान का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के तेजी से घट रहे विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए चीन 2.3 अरब डालर का कर्ज देगा। पाकिस्तानी मीडिया ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक बयान प्रकाशित किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि इस्लामाबाद को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से दो अरब डालर मिलने की उम्मीद है।

कंपनियों में शेयर खरीदने का यूएई ने दिया प्रस्ताव

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने पाकिस्तान के नए कर्ज के अनुरोध के जवाब में सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध सरकारी कंपनियों में तय कीमत पर अल्पांश शेयर खरीदने की पेशकश की है। मंगलवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, यूएई ने इन कंपनियों के निदेशक मंडल में एक-एक सीट देने की भी मांग रखी है।

पाकिस्तान में बिजली संकट का खतरा

बता दें कि बढ़ती महंगाई और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सौदे में विफल रहने से पाकिस्तान में बिजली संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कुछ दिनों पहले जुलाई महीनें में बिजली की लोड शेडिंग बढ़ने की चेतावनी दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान एलएनजी आपूर्ति हासिल करने में विफल रहा है।

Edited By: Piyush Kumar