बीजिंग, प्रेट्र/रायटर। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दुनिया की आंखों में धूल झोंकने वाला पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे पर भी दूसरे देशों को गुमराह कर रहा है। सिंध से लेकर बलूचिस्तान तक पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आम लोगों पर कहर बरपा रखा है, सरकार के खिलाफ किसी को आवाज उठाने की इजाजत तक नहीं है। गुलाम कश्मीर में लोगों की जिंदगी नरक बनी हुई है और पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में हालात खराब होने का रोना रो रहा है।

मदद की उम्मीद में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन गए हैं। वहां चीनी विदेश मंत्री के साथ उन्होंने कश्मीर का राग अलापा। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में पुलवामा के बाद पैदा हुए हालात का मुद्दा ही छाया रहा। कुरैशी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालात तेजी से खराब हो रहे हैं। उन्होंने मानवाधिकारों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया और भारत से अपनी कश्मीर नीति पर विचार करने को कहा।

भारत और पाकिस्तान के बीच उस समय तनाव चरम पर पहुंच गया था, जब पाक समर्थित आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के ठिकाने को हवाई हमले में तबाह कर दिया था। यही नहीं, पिछले तीन दशक से पाकिस्तान ने भारत में आतंकी गतिविधियां चला रखी है।

यहां चीन सरकार के शीर्ष राजनयिक स्टेट काउंसलर एवं विदेश मंत्री वांग वी के साथ मीडिया से बातचीत में कुरैशी ने मुश्किल घड़ी में साथ देने के लिए चीन का आभार भी जताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन तेज कर दिया है। वांग ने कहा कि उनके देश का हमेशा से मानना है कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता क्षेत्रीय देशों के हित में है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी यही चाहता है।

उन्होंने भारत के साथ तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की तरफ से उठाए गए कदमों की सराहना भी की। वांग ने यह भी साफ कर दिया कि दुनिया में या क्षेत्र में किसी भी तरह के हालात हो चीन हमेशा पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा। वांग ने विश्व समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को भी सही नजरिए से देखने की अपील की।

Posted By: Nitin Arora

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