बीजिंग, एएनआइ। पाकिस्तान पर इसी महीने एफएटीएफ की ओर से ब्लैकलिस्ट होने का खतरा बना हुआ है। पाकिस्तान को इस बात का डर है कि आतंकी फंडिंग और आतंकियों को शह देने पर उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इमरान खान की यह यात्रा 13 से 18 अक्टूबर तक पेरिस में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक से पहले हुई है, जहां 40 बिंदुओं पर आतंक के खिलाफ कार्य योजना के साथ पाकिस्तान के अनुपालन का आकलन किया जाएगा।डर के इसी साए में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। ग्लोबल वॉल डॉग एफएटीएफ(FATF) द्वारा पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट किए जाने की धमकी दी जा रही है।

पाकिस्तान, इस मामले पर अपने पक्ष में फैसला लाने के लिए या यूं कहें कि अपना गला बचाने के लिए चीन की पैरवी करने में चीन लगा हुआ है। पाकिस्तान, चीन की चापलूसी में इसलिए भी लगा हुआ है कि चीन इस साल एफएटीएफ की अध्यक्षता करने वाला है।इस मुलाकात के दौरान इमरान खान ने द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित के मामलों के बारे में बात की।

जियो न्यूज ने बताया कि खान, जो दो दिवसीय बीजिंग दौरे पर हैं, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के अध्यक्ष ली झांशु से मुलाकात करेंगे और बीजिंग अंतर्राष्ट्रीय बागवानी प्रदर्शनी 2019 के समापन समारोह में भी शामिल होंगे।

इससे पहले, पाकिस्तानी पीएम ने बीजिंग के ग्रेट हॉल में चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग के साथ वार्ता की थी, जहां उन्होंने कई समझौतों और समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। बीजिंग पहुंचने पर, खान को संस्कृति मंत्री, लुओ शुआंगंग, पाकिस्तान में चीन के राजदूत याओ जिंग और चीन में पाकिस्तान के राजदूत नागहम्मा हाशमी द्वारा प्राप्त किया गया।

इमरान खान की यात्रा ये यात्रा शी चिनफिंग के नेपाल और भारत के दौरे से पहले हो रही है।  यह एक साल के भीतर इमरान खान की चीन की तीसरी यात्रा है। उनके साथ विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, रेल मंत्री शेख रशीद, योजना मंत्री खुसरो बख्तियार और वित्त सलाहकार हफीज शेख चीन दौरे पर साथ गए हैं।

Posted By: Shashank Pandey

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