बीजिंग, प्रेट्र। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस साल के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरे अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए भारत आ रहे हैं। इस यात्रा से पहले चीन ने कहा है कि दोनों पड़ोसी देशों को द्विपक्षीय संबंधों को बाधित करने वाले किसी 'व्यक्तिगत मामले को विशिष्ट समय के दौरान' उठाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए और द्विपक्षीय संबंधों पर स्थिर और मजबूत तरीके से आगे बढ़ाने के लिए और अधिक पहल को अपनाना होगा।

भारत में चीन के नए राजदूत सुन वेइदोंग ने कहा कि संबंधों को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए तैयार दोनों देशों का नेतृत्व दो मजबूत नेताओं के हाथ में है। अपना कार्यभार संभालने के लिए नई दिल्ली रवाना होने से पहले सुन ने शुक्रवार को यहां भारतीय मीडिया से कहा कि पिछले साल वुहान में अपने पहले अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में चिनफिंग और मोदी के दिखाए रणनीतिक दिशा-निर्देशों से चीन-भारत संबंधों के 'विकास की बहुत अच्छी और मजबूत गति' मिली है।

उन्होंने कहा, 'इस साल दोनों नेता एक और अनौपचारिक बैठक करने जा रहे हैं। मुझे यकीन है, यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में सर्वोच्च प्राथमिकता होगी जो निश्चित रूप से हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।'

अधिकारियों का कहना है कि चिनफिंग की भारत यात्रा के लिए बातचीत जारी है, जिसके इस साल अक्टूबर में वाराणसी में होने की उम्मीद है।

दक्षिण एशिया मामलों के व्यापक अनुभव रखने वाले अनुभवी चीनी राजनयिक सुन पाकिस्तान में चीन के राजदूत थे। चीन वहां चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का निर्माण कर रहा है। इस गलियारे पर भारत को आपत्ति है क्योंकि यह गुलाम कश्मीर से होकर गुजरता है।

Posted By: Bhupendra Singh

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