भारतीय सीमा के पास चीन-पाक की नई चाल, शिनज्यांग में चीनी हथियारों के साथ शुरू किया थल सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास
चीन और पाकिस्तान ने भारतीय सीमा के पास शिनजियांग में 'काराकोरम 2026' नामक पहला संयुक्त थल सेना अभ्यास शुरू किया है।
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शिनजियांग में चीन-पाक का पहला संयुक्त थल सेना अभ्यास। (फोटो-सोशल मीडिया)
HighLights
शिनजियांग में चीन-पाक का पहला संयुक्त थल सेना अभ्यास।
अभ्यास में चीनी सेना के आधुनिक हथियारों का उपयोग।
उच्च ऊंचाई पर आतंकवाद-रोधी अभियानों पर केंद्रित।
डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीन और पाकिस्तान की सेनाओं ने भारतीय सीमा के पास शिनजियांग के ऊंचाई वाले इलाकों में संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है। अभ्यास में चीनी सेना द्वारा उपलब्ध कराए गए हथियारों और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। चीनी सेना के अनुसार, दोनों देशों के बीच यह पहला संयुक्त थल सेना अभ्यास है। इससे पहले दोनों देश हर साल संयुक्त वायु सेना और नौसेना अभ्यास करते रहे हैं।
सरकारी चैनल सीसीटीवी ने बताया कि इस अभ्यास में इस्तेमाल किए गए सभी हथियार चीनी सेना द्वारा ही उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें टाइप 191 राइफलें, टाइप 201 स्क्वाड मशीन गन, टाइप 11 आर्मर्ड असाल्ट व्हीकल, टाइप 08 इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल, साथ ही आर्टिलरी, और मानवरहित (अनमैन्ड) व एंटी-अनमैन्ड सिस्टम शामिल हैं। पाकिस्तान की तीनों सेनाओं को मिलने वाले कुल हथियारों में से 80 प्रतिशत से अधिक हथियार चीन से आते हैं।
'काराकोरम 2026' नाम के इस अभ्यास की शुरुआत उत्तर-पश्चिम चीन के शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र के कोरला स्थित एक प्रशिक्षण केंद्र में हुई। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच यह पहला संयुक्त थल सेना प्रशिक्षण है, जो मुख्य रूप से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में आतंकवाद-रोधी अभियानों और इलाके को दुश्मनों से मुक्त कराने के अभियान पर केंद्रित है। सैन्य मामलों के विशेषज्ञ वांग युनफेई ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि इस अभ्यास में तैनात किए गए दोनों तरह के वाहन व्हील्ड प्लेटफार्म (पहिए वाले वाहन) हैं।
सोर्स- न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के अनुसार
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