शंघाई में वर्ल्ड स्किल्स कंपीटिशन: वैश्विक कौशल मंच पर भारत की बड़ी छलांग, टॉप-10 में बनाई जगह
शंघाई में आयोजित वर्ल्ड स्किल्स कंपीटिशन 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष दस में ...और पढ़ें

वैश्विक कौशल मंच पर भारत की बड़ी छलांग।
HighLights
भारत ने वर्ल्ड स्किल्स शंघाई में शीर्ष दस में स्थान हासिल किया।
देश ने 6 रजत पदक और 20 मेडेलियन फॉर एक्सीलेंस जीते।
यह उपलब्धि भारत को विश्व कौशल राजधानी बनने की क्षमता दर्शाती है।
जितेंद्र शर्मा, शंघाई। कौशल विकास को लेकर भारत की यात्रा भले ही अन्य देशों की तुलना में बहुत देर से शुरू हुई, लेकिन शंघाई में वर्ल्ड स्किल्स कंपीटिशन में जिस तरह से तिरंगा लहराया, उसने संदेश दे दिया कि भविष्य के लिए इस देश का युवा तैयार हो रहा है।
दुनिया के तमाम विकसित देशों सहित कुल 70 देशों के 1,400 प्रतिभागियों के बीच देश को पदक तालिका के शीर्ष दस में स्थान दिलाकर भारत सरकार के प्रयासों पर आश्वस्ति की वह मुहर लगा दी है कि यदि इसी तरह से कौशल विकास को लेकर गंभीरता दिखाई गई तो निश्चित ही हमारा देश विश्व की कौशल राजधानी बनने की क्षमता रखता है।
विश्व कौशल प्रतियोगिता-2026 का भव्य समापन रविवार को शंघाई में हुआ। जब पुरस्कारों की घोषणा शुरू हुई तो कुल 26 बार भारत की गलियों से निकलकर इस वैश्विक मंच तक पहुंची प्रतिभा के लिए दुनिया के 70 देशों के प्रतिनिधियों ने यहां तालियां बजाईं।
कौशल विकास के दृष्टिकोण से हमारे देश के आत्मविश्वास और प्रतिभाग का मानक यह भी हो सकता है कि पहली बार भारत ने वर्ल्ड स्किल्स कांपटीशन के लिए 70 प्रतिभागियों का बड़ा दल भेजा।
इतना ही नहीं, प्रतियोगिता की कुल 64 विधाओं में से 63 में देश ने हिस्सा लिया। इसके बाद यहां दुनिया के विकसित देशों के तमाम प्रतिभागियों के बीच अपने कौशल का प्रदर्शन किया और वैश्विक मंच पर तिरंगा शान से लहरा दिया।
निस्संदेह पांचवीं बार मेजबान चीन पदक तालिका में शीर्ष पर रहा है। दूसरे स्थान पर कोरिया और तीसरा स्थान चीनी ताइपे ने लिया है, लेकिन भारत के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है कि वर्ष 2024 में फ्रांस के ल्योन में आयोजित इस वैश्विक प्रतियोगिता में भारत 13वें स्थान पर रहा था।
तब सिर्फ चार सिल्वर मेडल और 12 मेडेलियन फॉर एक्सीलेंस रहे थे, जबकि इस बार भारत 10वें स्थान पर आया है। उसने अपने नाम छह रजत पदक और 20 मेडेलियन फार एक्सीलेंस किए हैं।
छह रजत पदक जीतने वालों में बेकरी में स्मृति नामबियार, डेंटल प्रोस्थेटिक्स जैसी विधा में भारत की शुरुआत करते हुए मोहम्मद सलाम, डिजिटल इंटरेक्टिव मीडिया डिजाइन में कोविद अजय गंगरादे, इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलाजी में पार्थ वोहरा, लाजिस्टिक्स एंड फ्रेट फारवार्डिंग में मेहरुन्निसा बेगम और रिटेल सेल्स में सोनिया जोशी शामिल हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि वर्ल्ड स्किल्स में टीम इंडिया की उपलब्धि उल्लेखनीय रही है। यह पदक बताते हैं कि कौशल विकास के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक मंच पर बड़ी छलांग लगाई है। जिस तरह से हमारे युवा प्रतिभागियों ने पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए इस बार प्रदर्शन किया है, वह भारत की क्षमता और जज्बे को प्रदर्शित कर रहा है।
