हांगकांग, एजेंसियां। हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों को बुजुर्गो का भी साथ मिला है। शनिवार को आयोजित एकता रैली में सैकड़ों बुजुर्गो ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उन्हें पहले के मुकाबले अधिक लोकतांत्रिक अधिकार नहीं मिलते, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। स्थानीय चुनावों में जीत और अमेरिका का समर्थन हासिल करने के बाद उत्साहित प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर दबाव बनाए रखने के लिए रैलियां करने का एलान किया था। शनिवार की रैली उन्हीं में से एक थी।

सरकार के व्यवहार से नाखुश

शहर के चैटर गार्डन पर आयोजित रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह समय जश्न मनाने का नहीं है। वास्तविक स्वायत्तता मिलने तक हमें लड़ाई जारी रखनी होगी। रैली के आयोजक 64 वर्षीय टैम क्वाक सन ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों की शुरुआती पंक्ति के नेताओं और युवा प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग करना चाहती है, लेकिन हम हर हालत में साथ रहेंगे। यह बात ठीक है कि कई बार युवाओं की प्रतिक्रियाएं हिंसक और आक्रामक होती हैं, लेकिन हम सरकार के व्यवहार से अधिक नाखुश हैं।

प्रदर्शनकारियों में शामिल 71 वर्षीय एक महिला ने कहा, 'मैंने जून में होने वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, लेकिन हमारी मांगों को सरकार ने नहीं सुना।' उधर, इस पूरे संकट से निपटने के लिए हांगकांग की सरकार स्वतंत्र समिति बनाने पर विचार कर रही है। यह बात चीफ सेक्रेटी मैथ्यू च्यूंग ने तब कही जब उनसे स्वतंत्र समीक्षा समिति के बारे में पूछा गया।

चीन ने बेल्जियम के नागरिक को पकड़ा

चीन के कम्यूनिस्ट पार्टी के समाचार पत्र ने सरकार के हवाले से बताया है कि ग्वांझाऊ में बेल्जियम के एक नागरिक को पकड़ा गया है। उस पर अमेरिका में लोगों के साथ मिलकर हांगकांग के मामलों को उठाने का आरोप है। हांगकांग के साउथ चाइना मार्निग पोस्ट समाचार पत्र ने एक लेख में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की उच्चायुक्त मिशेल बैचलेट ने भी अत्यधिक पुलिस बल के प्रयोग की जांच के लिए कहा।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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