नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चीन व हांगकांग से निवेश प्राप्त करने वाली मोबाइल फोन एप आधारित ऋण वितरण कंपनियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग जांच के सिलसिले में एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के 72 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जब्त की है।

हांगकांग की कंपनी के भारतीय निदेशक को किया गिरफ्तार

केंद्रीय एजेंसी ने एक अन्य मामले में हांगकांग की कंपनी होवेलाई जिंसु के भारतीय निदेशक अनूप नागराल को गिरफ्तार किया है। नागराल पर कई करोड़ की बैंक धोखाधड़ी का आरोप है। ईडी ने बुधवार को कहा कि भारतीय एनबीएफसी कुडोज फाइनेंस एंड इनवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों और पेमेंट गेटवे खातों में मौजूद करीब 72.32 करोड़ रुपये को जब्त करने के लिए प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया गया था। जांच एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई कई भारतीय एनबीएफसी और उनके फाइनेंसटेक साझेदार मोबाइल एप के खिलाफ जांच से संबंधित है।

तेलंगाना पुलिस ने दर्ज किए थे कई एफआइआर

अवैध रूप से कर्ज देने और अपने ग्राहकों से अत्यधिक दर पर ब्याज वसूलने के लिए बल प्रयोग करने के आरोपों को लेकर इन सभी कंपनियों और एप के खिलाफ तेलंगाना पुलिस ने कई प्राथमिकियां दर्ज की थीं।ईडी की जांच में पाया गया कि विभिन्न भारतीय कंपनियों में चीन व हांगकांग से निवेश प्राप्त हुआ था। एजेंसी ने कहा कि इन कंपनियों के मोबाइल एप सात से 14 दिनों की अवधि के लिए तुरंत कर्ज प्रदान करते थे। वे कर्ज की राशि आवंटित करने के समय प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर रकम से 15-25 प्रतिशत तक काट लेते थे। कंपनियों के एप ग्राहकों के मोबाइल डाटा भी हासिल कर लेते थे। कर्ज की वसूली के लिए वे काल सेंटर के माध्यम से कड़े उपायों का सहारा लेते थे।

Edited By: Monika Minal