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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीसरी बार भी चिनफिंग के राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में ऐतिहासिक प्रस्ताव पास

By Krishna Bihari SinghEdited By:
Published: Thu, 11 Nov 2021 09:57 PM (IST)Updated: Thu, 11 Nov 2021 09:58 PM (IST)

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की उच्चस्तरीय बैठक में गुरुवार को राष्ट्रपति शी चिनफिंग के रिकार्ड तीसरे कार्यकाल का रास्ता साफ ...और पढ़ें

सीपीसी की उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रपति शी चिनफिंग के रिकार्ड तीसरे कार्यकाल का रास्ता साफ हो गया।
सीपीसी की उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रपति शी चिनफिंग के रिकार्ड तीसरे कार्यकाल का रास्ता साफ हो गया।

बीजिंग, पीटीआइ। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की उच्चस्तरीय बैठक में गुरुवार को पार्टी के गत 100 साल की अहम उपलब्धियों को लेकर ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रपति शी चिनफिंग के रिकार्ड तीसरे कार्यकाल का रास्ता भी साफ हो गया। पार्टी की 19वीं केंद्रीय समिति का छठा पूर्ण अधिवेशन आठ से 11 नवंबर तक बीजिंग में आयोजित किया गया। इसमें ऐतिहासिक प्रस्ताव की समीक्षा की गई और उसे पारित किया गया।

400 नेता रहे मौजूद

सीपीसी के 100 साल के इतिहास में यह अपनी तरह का मात्र तीसरा प्रस्ताव है। इससे पहले पार्टी के संस्थापक माओ जेदोंग और उनके उत्तराधिकारी डेंग शियाओपिंग के कार्यकाल में ऐसे प्रस्ताव पारित किए गए थे। अधिवेशन में पार्टी के करीब 400 वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी इस बारे में विस्तृत जानकारी शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में देगी।

शायद कभी भी सेवानिवृत्त न हों चिनफिंग

14 पन्नों के एक बयान में चिनफिंग के कार्यकाल की प्रशंसा की गई है और कहा गया है कि वह दूसरे कार्यकाल के पूरा होने के बाद अभूतपूर्व तीसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में बने रहेंगे। वर्ष 2018 में किए संविधान संशोधन के बाद यह भी हो सकता है कि वह जीवनपर्यंत इस पद पर बने रहें, क्योंकि इसके जरिये राष्ट्रपति के कार्यकाल की सीमा हटा दी गई है। 68 वर्षीय चिनफिंग पूर्व उप प्रधानमंत्री शी झोंगसुन के बेटे हैं, इसलिए उन्हें राजकुमार भी कहा जाता है। उनके पूर्ववर्ती हू जिंताओं दो कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हो गए थे।

ताकतवर नेता के रूप में बनाई छवि

प्रारंभ में चिनफिंग की छवि शांत नेता की थी, लेकिन वर्ष 2012 में पार्टी की कमान संभालने के बाद उन्होंने खुद को अति महत्वाकांक्षी व ताकतवर नेता के रूप में साबित किया। इसके तत्काल बाद वह राष्ट्रपति बने और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के चेयरमैन चुने जाने के बाद चीनी सेना के सर्वोच्च कमांडर बन गए।

भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाया अभियान

सत्ता में आने के बाद चिनफिंग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया, जिसकी वजह से सेना के 50 जनरल समेत करीब 10 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को सजा मिली। चिनफिंग को वर्ष 2016 में पार्टी के केंद्रीय नेता का दर्जा दिया गया। वह माओ के बाद यह दर्जा पाने वाले पहले नेता हैं।

20वें राष्ट्रीय अधिवेशन में लगेगी मुहर

उच्चस्तरीय बैठक में वर्ष 2022 के उत्तरार्ध में बीजिंग में सीपीसी का 20वां राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। उम्मीद की जा रही है कि इसमें चिनफिंग के नाम पर आधिकारिक रूप से अभूतपूर्व तीसरे कार्यकाल के लिए मुहर लगेगी।

सत्ता में बने रहने का प्रयास

चाइना नीकन के संपादक एडम नी ने कहा, 'चिनफिंग चीन के इतिहास में हीरो के रूप में दर्ज होना चाहते हैं।' बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, 'ऐतिहासिक प्रस्ताव के केंद्र में रहते हुए चिनफिंग पार्टी और आधुनिक चीन के इतिहास में अमर हो जाना चाहते हैं। इसके जरिये वह अपनी ताकत का भी प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, ये दस्तावेज उनके सत्ता में बने रहने का माध्यम भर हैं।'