बीजिंग, एएनआइ। चीन में स्‍थ‍ितियां तानाशाही के रूप में बदल चुकी हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ ने 'द हांगकांग पोस्‍ट' के हवाले से कहा है कि राष्‍ट्रपति शी चिनफ‍िंग के शासन में चीनी नागरिक दुखी स्थिति में हैं। वह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अधिनायकवादी शासन का सामना कर रहे हैं जो खुले तौर पर न्यायिक स्वतंत्रता को खारिज करता है। 'द हांन्गकांन्ग पोस्ट' के अनुसार कम्युनिस्ट राष्ट्र में अदालतों को उच्च सम्मान हासिल नहीं है। यही नहीं चीन दुनिया में मानवाधिकारों के हनन का घोर अपराधी राष्‍ट्र के तौर पर शुमार है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (Chinese Communist Party, CCP) पूरी तरह इस बात से अवगत है कि उसकी अभियान शैली वाली न्याय प्रणाली (Campaign style justice) कानून के शासन की धज्जियां उड़ाती है। चीनी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी इस तरह के अभियानों के निहित खतरों से भलीभांति अवगत भी है। फ‍िर भी यह बदस्‍तूर जारी है। हाल ही में शी चिनफ‍िंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत पांच प्रांतों में दो हफ्ते के भीतर एक हजार से अधिक संगठित संदिग्ध अपराधियों की गिरफ्तारी का दावा किया था।

यही नहीं शेडोंग प्रांत में एक कोटा प्रणाली भी स्थापित की गई और प्रत्येक जिले में अभियोजकों के कार्यालयों को हर साल इस तरह के कम से कम एक मामले का निपटारा करने को कहा गया। साथ ही जवाबदेही भी सुनिश्चित की गई। बीते तीन वर्षों के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर 2,46,000 मामलों का भंडाफोड़ किया और अभियोजकों ने 36 हजार आरोप तय किए जिनमें कई प्रतिवादियों को फंसाया गया।

निचली अदालतों ने 225,500 आरोपियों से जुड़े 32,900 मामलों का निपटारा किया। वैसे तो चीन की अधिनायकवादी शासन व्‍यवस्‍था में इस तरह के कम ही आंकड़े सामने आ पाते हैं लेकिन सजा के आंकड़ों पर कुछ रिपोर्टों के अनुसार संगठित आपराधिक गिरोह या गिरोह जैसे समूहों के लोगों को बाकियों की तुलना में काफी लंबी सजाएं हुईं। यही नहीं सजायाफ्ता लोगों की संपत्तियों से की गई जब्ती ने कई स्थानीय सरकारों के लिए गैर कर राजस्व का महत्वपूर्ण जरिया रहा जो शी चिनफ‍िंग सरकार में व्‍याप्‍त भ्रष्टाचार को उजागर करता है। 

Edited By: Krishna Bihari Singh