विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चीन का पाताल प्लान लीक, स्पेस से दिखा 'सीक्रेट हथियार'; दुनिया का पहला 'मदरशिप' देख अमेरिका भी अलर्ट

Published: Thu, 17 Sep 2026 05:34 PM (IST)

चीनी नौसेना शंघाई में एक अनोखा 'मदरशिप' बना रही है, जो दुनिया का पहला ऐसा जहाज है जो बिना चालक ...और पढ़ें

चीन का नया 'मदरशिप' युद्धपोत (AI फोटो)

चीन का नया 'मदरशिप' युद्धपोत (AI फोटो)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीनी नौसेना अपनी ताकत बढ़ाने के लिए एक बेहद आधुनिक और अनोखा युद्धपोत बना रही है। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि शंघाई के हुडोंग-झोंगहुआ शिपयार्ड में एक विशाल 'मदरशिप' (मुख्य जहाज) का निर्माण चल रहा है।

यह अपनी तरह का दुनिया का पहला ऐसा जहाज है, जो बिना चालक वाली बड़ी ड्रोन सबमरीन को अपने साथ समुद्र में ले जाने और वहां से तैनात करने में सक्षम है।

तस्वीरों से हुआ खुलासा

अमेरिकी डिफेंस इंटेलिजेंस कंपनी वैंटोर की तस्वीरों के अनुसार, यह जहाज चार विशाल स्वचालित सबमरीन (XXLUUV) को एक साथ ले जा सकता है।

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, इस जहाज में एक अंदरूनी हैंगर और 12 वर्टिकल लिफ्टिंग आर्म्स दी गई हैं। इसके आकार और बनावट को देखकर साफ है कि इसे केवल नौसैनिक युद्ध अभियानों के लिए ही तैयार किया जा रहा है।

china submarine

हजारों मील दूर हमला करने की क्षमता

चीन द्वारा विकसित की जा रही ये ड्रोन सबमरीन आकार में बेहद विशाल हैं। इनमें से सबसे बड़ी सबमरीन लगभग 148 फीट की है, जो अमेरिकी नौसेना की ओर्का ड्रोन सबमरीन से लगभग तीन गुना और ब्रिटेन के एक्सकैलिबर से चार गुना बड़ी है।

बिना क्रू वाले ये ड्रोन हजारों मील की दूरी तय करके दुश्मनों पर गुप्त रूप से भारी टॉरपीडो और हथियार दागने की क्षमता रखते हैं।

माना जाता है कि चीन की जहाज बनाने की क्षमता अमेरिका से कहीं ज्यादा है। इस समय अमेरिका के पास 295 युद्धपोत हैं, जबकि चीन के पास इनकी संख्या 400 के पार पहुंच चुकी है।

विवादित क्षेत्रों में कर सकता है इस्तेमाल

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस तरह के उन्नत जहाजों का इस्तेमाल ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे विवादित क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कर सकता है। चीन ताइवान पर अपने नियंत्रण का दावा करता है और दक्षिण चीन सागर में भी पड़ोसियों के विरोध के बावजूद अपना दबदबा बढ़ा रहा है।

वहीं, बीजिंग में आयोजित शियांगशान फोरम में चीन के रक्षा मंत्री डोंग जून ने अन्य देशों को चेतावनी देते हुए सैन्यवाद और वर्चस्ववाद से दूर रहने की बात कही।

जानकारों के अनुसार, यह इशारा जापान और अमेरिका जैसे देशों के लिए था, जो इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती समुद्री ताकत का मुकाबला करने की कोशिश कर रहे हैं।