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2016 से पहले चीनी राष्ट्रपति पैसेंजर प्लेन से करते थे सफर, नहीं था कोई स्पेशल प्लेन; वजह है दिलचस्प

Published: Sat, 12 Sep 2026 10:46 PM (GMT+05:30)

चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग अब बोइंग 747-8 जैसे विशेष विमान से यात्रा करते हैं, पर 2016 से पहले ऐसा नहीं था। ...और पढ़ें

2016 तक चीनी राष्ट्रपति के लिए क्यों नहीं था स्पेशल विमान (फोटो- PTI)

2016 तक चीनी राष्ट्रपति के लिए क्यों नहीं था स्पेशल विमान (फोटो- PTI)

HighLights

  1. 2016 से पहले चीनी राष्ट्रपति सामान्य यात्री विमानों से सफर करते थे।

  2. 2001 में विशेष विमान में 27 जासूसी उपकरण मिले थे।

  3. अब राष्ट्रपति चिनफिंग बोइंग 747-8 विशेष विमान का उपयोग करते हैं।

डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग सात साल बाद शनिवार को भारत आए हैं। चिनफिंग अपने स्पेशल प्रेसिडेंशियल प्लेन बोइंग 747-8 से नई दिल्ली पहुंचे। लेकिन आप यह जानकर हैरान होंगे कि साल 2016 तक चीन के पास उसके राष्ट्रपति के लिए कोई स्पेशल प्लेन नहीं था।

2016 तक चीनी राष्ट्रपति पैसेंजर प्लेन को ही मॉडिफाइड करके विदेश दौरे पर जाते थे। ऐसे में सवाल यह है कि चीन के राष्ट्रपति के लिए स्पेशल प्लेन क्यों नहीं थे।

दरअसल, साल 2001 में अमेरिका के सैन एंटोनियो में तत्कालीन चीनी राष्ट्रपति जियांग जेमिन के लिए स्पेशल प्लेन तैयार की गई थी, लेकिन यह प्लेन जैसे ही बीजिंग आया तो चीन ने उसे रिजेक्ट कर दिया।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के अंदर 27 जासूसी उपकरण यानी लिसनिंग डिवाइस छिपे मिले थे। हालांकि, उस वक्त चीन ने इस पर न तो खुलकर हामी भरी और न ही इससे इनकार किया।

पहले किस विमान का इस्तेमाल करते थे चीनी राष्ट्रपति

इससे पहले भी चीन के पास अमेरिकी 'एयरफोर्स वन' जैसा कोई स्थायी वीवीआईपी विमान नहीं था। चीनी राष्ट्रपति विदेशी दौरों पर चाइना के सामान्य बोइंग 747-400 विमानों से जाते थे।

राष्ट्रपति के विदेशी दौरे से लगभग 20 दिन पहले चीनी एयरफोर्स इन विमानों में वीवीआईपी केबिन तैयार करती थी और दौरा खत्म होने के बाद सीटें दोबारा बदलकर विमान को आम यात्रियों के लिए रूट पर लगा दिया जाता था।

अब कौन सा विमान इस्तेमाल करते चीनी राष्ट्रपति?

आज का समय बिल्कुल बदल चुका है। चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग का आधिकारिक विमान एक मॉडिफाइड बोइंग 747-8 है। इसे एयर चाइना द्वारा ऑपरेट किया जाता है। यह लग्जरी जेट के साथ-साथ हवा में तैरता हुआ देश का सुप्रीम कमांड सेंटर है।

इस विमान को साल 2014 के अंत में आम कमर्शियल पैसेंजर जेट के तौर पर शामिल किया गया था। इसके बाद मई 2015 में इसे पैसेंजर सर्विस से हटाकर सीक्रेट मॉडिफिकेशन के लिए भेजा गया। मॉडिफिकेशन के बाद साल 2016 के अंत में इसे राष्ट्रपति के मुख्य विमान के रूप में तैयार किया गया।

आज तक इस विमान के अंदर की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जाता है कि इसमें हाई-टेक कॉन्फ्रेंस रूम, लग्जरी बेडरूम, प्राइवेट ऑफिस और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां मौजूद हैं।

250 फीट (लगभग 76.3 मीटर) की लंबाई के साथ बोइंग 747-8 (Boeing 747-8) इस सीरीज का सबसे बड़ा और अंतिम मॉडल है। यह दुनिया का सबसे लंबा यात्री (कमर्शियल) विमान है।

इसकी मुख्य विशेषताएं-

  • इसके विंग्स पहले के मॉडलों की तुलना में अधिक मोटे और उन्नत हैं, जिससे इनमें ज्यादा फ्यूल (ईंधन) स्टोर करने की क्षमता मिलती है।
  • इसमें बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में इस्तेमाल होने वाले अत्यधिक शक्तिशाली और आधुनिक GEnx इंजन लगाए गए हैं, जो ईंधन की खपत और शोर दोनों को कम करते हैं।
  • इसका मैक्सिमम टेकऑफ वजन करीब 9.75 लाख पाउंड है, जो बोइंग के इतिहास में सबसे भारी है।