बीजिंग, एएफपी। कारोबारी तनाव के बीच चीन ने अमेरिका में पढ़ने की चाहत रखने वाले अपने छात्रों को आगाह किया है कि वे किसी खतरे में पड़ सकते हैं। छात्रों और शिक्षकों से कहा गया है कि अमेरिकी की ओर से उन्हें वीजा देने से मना किया जा सकता है या वीजा देने में देरी की जा सकती है।

चीन ने यह चेतावनी ऐसे समय पर जारी की है जब दोनों देशों में कारोबारी तनाव दूर करने के लिए हो रही वार्ता में गतिरोध आ गया है। अमेरिका, चीन पर यह आरोप भी लगाता आ रहा है कि वह विवादित दक्षिण चीन सागर का सैन्यीकरण कर रहा है। हाल के कुछ महीनों में अमेरिका के कई अधिकारी और सांसद यह चिंता भी जाहिर कर चुके हैं कि चीन की कम्युनिस्ट सरकार चीनी छात्रों और शिक्षकों का जासूस के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है।

चीन के शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा, 'अमेरिकी विश्वविद्यालयों में आवेदन कर रहे छात्रों को खुद को वीजा संबंधी दिक्कतों और सख्त मूल्यांकन के लिए तैयार रखना चाहिए क्योंकि हाल में चीनी छात्रों और शिक्षकों को वीजा पाने के लिए कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ा।'

विदेशी छात्रों में एक तिहाई चीनी
पिछले साल अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों में करीब एक तिहाई चीनी थे। अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पिछले साल करीब तीन लाख 60 हजार चीनी छात्रों ने दाखिला लिया था।

14 अरब डॉलर का योगदान
चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने अमेरिकी डाटा के हवाले से अनुमान लगाया है कि 2017 में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में चीनी छात्रों ने 14 अरब डॉलर (करीब 97 हजार करोड़ रुपये) का योगदान दिया था।

अनावश्यक बाधाएं खड़ी कर रहा अमेरिका
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने सोमवार को कहा, 'दोनों देशों के लोगों के बीच आदान-प्रदान में अमेरिका अनावश्यक बाधाएं खड़ी कर रहा है। इसका चीन और अमेरिका के शिक्षा क्षेत्रों के साथ ही वहां पढ़ रहे चीनी छात्र भी व्यापक विरोध कर रहे हैं।'

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Posted By: Dhyanendra Singh

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