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'एआई को अमेरिका-चीन की जंग का मोहरा न बनाएं', अमेरिकी सलाह पर बीजिंग का पलटवार

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:47 AM (IST)

अमेरिका में एआई विकास की रफ्तार पर सुरक्षा चिंताओं के बीच चीन ने पलटवार किया है। चीन ने एआई के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. चीन ने अमेरिकी एआई सुरक्षा चिंताओं पर पलटवार किया।

  2. एआई विकास में खुलापन और समावेशिता की वकालत की।

  3. टकराव और खतरनाक होड़ से बचने की चेतावनी दी।

एपी, बीजिंग। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विकास की रफ्तार को लेकर अमेरिका में उठ रही सुरक्षा चिंताओं के बीच चीन ने पलटवार किया है। चीन ने सोमवार को एआई के विकास में अधिक खुलापन और समावेशिता की वकालत करते हुए चेतावनी दी कि डर फैलाने, टकराव और खतरनाक होड़ से एआई के लिए बेहतर वैश्विक व्यवस्था बनाने की कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है।

‘चीनी एआई बढ़त से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा’ संबंधी दावों पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि एआई मानवता के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण तकनीक है। उन्होंने एआइ के ऐसे विकास की जरूरत बताई, जो अच्छे उद्देश्यों के लिए हो और सभी के लिए खुला तथा समावेशी हो। चीन की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब एआई की बढ़ती क्षमताओं और अत्याधुनिक माडलों से जुड़े संभावित खतरों को लेकर दुनिया भर में बहस तेज है।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं एआइ के विकास की रफ्तार इंसानों की इसे समझने, सुरक्षित रखने और नियंत्रित करने की क्षमता से आगे न निकल जाए। एआई अब तकनीकी नहीं, रणनीतिक मुकाबला भी एआई को लेकर बहस ने अब स्पष्ट भू-राजनीतिक रूप ले लिया है। अमेरिका और चीन एआई में बढ़त हासिल करने की होड़ में हैं।

अत्याधुनिक एआई माडल, कंप्यूटिंग क्षमता और सेमीकंडक्टर तकनीक इस प्रतिस्पर्धा के प्रमुख क्षेत्र बन चुके हैं। ऐसे में एआइ की सुरक्षा का सवाल तकनीकी चिंता के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक शक्ति संतुलन से भी जुड़ गया है। चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने एंथ्रोपिक के सीईओ डैरियो एमोडेई की एआई विकास की रफ्तार धीमी करने की मांग की आलोचना की है।

एमोडेई का तर्क है कि एआई में तेज प्रगति कहीं ऐसी स्थिति न पैदा कर दे, जहां अत्यधिक सक्षम प्रणालियों को नियंत्रित करने की इंसानी क्षमता पीछे छूट जाए।‘ग्लोबल टाइम्स’ ने चीनी तकनीकी विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि एआई विकास को केवल अमेरिका-चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा होड़ के नजरिये से देखने का खतरा है। इससे एआई सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौती का समाधान खोजने के बजाय यह मुद्दा भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बन सकता है।