बीजिंग, एएफपी। अमेरिका में अपने राजनयिकों पर बंदिशें लगाए जाने के बाद चीन ने भी जवाबी कार्रवाई की है। उसने अपने यहां अमेरिकी राजनयिकों पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं। चीन ने शुक्रवार को बताया कि देश में अमेरिकी राजनयिकों के खिलाफ कई कदम उठाए गए हैं। उन्हें स्थानीय अधिकारियों से मिलने से पहले अब विदेश मंत्रालय को सूचित करना होगा। अमेरिका ने भी गत अक्टूबर में चीनी राजनयिकों को आदेश दिया था कि वे अमेरिका में किसी अधिकारी से मिलने और किसी कॉलेज या रिसर्च इंस्टीट्यूट में जाने से पहले विदेश मंत्रालय को सूचित करेंगे।

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, 'चीन ने नए उपायों के बारे में अमेरिकी दूतावास को बुधवार को सूचित कर दिया है। यह कदम चीनी राजनयिकों पर अमेरिकी पाबंदियों के जवाब में उठाया गया है। हम फिर यह आग्रह करते हैं कि अमेरिका अपनी गलतियों को सुधार ले और नियमों को रद कर दे।' अमेरिका ने चीन के इस कदम को पारस्परिक करार दिया है। प्रवक्ता चुनयिंग के अनुसार, अमेरिकी राजनयिकों को किसी चीनी अधिकारी से मिलने के बारे में विदेश मंत्रालय को पांच कार्य दिवस पहले सूचना देनी होगी।

अमेरिकी संसद ने पास किया उइगर मानवाधिकार नीति बिल

हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों के पक्ष में एक कानून बनाने के बाद अमेरिकी संसद ने बीते मंगलवार को उइगर मानवाधिकार नीति विधेयक को मंजूरी दी। संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में एक के मुकाबले 407 मतों से पारित इस विधेयक में अमेरिका द्वारा चीन में नजरबंद किए गए दस लाख उइगर मुस्लिमों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों तक संसाधनों को पहुंचाने का प्रस्ताव किया गया है। बिल सीनेट से पहले ही पास हो चुका है। इस बिल को मंजूरी दिए जाने के खिलाफ चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। चीन ने कहा कि अमेरिका का यह कदम हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का एक और उदाहरण है। चीन की संसद की विदेश मामलों की समिति का कहना है कि यह बिल पारित करके अमेरिका ने शिनजियांग प्रांत में आतंकवाद का मुकाबला करने और मानवाधिकारों की रक्षा के अपने प्रयासों के प्रति आंखें मूंद ली हैं।

 

Posted By: Tilak Raj

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