बीजिंग, एजेंसी। चीन ने रविवार को कहा कि वह उइगर समुदाय और अन्य मुस्लिम जातीय अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यवहार में कथित भूमिका को लेकर चीनी कंपनियों पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने कहा कि अमेरिका को इस अनुकूल जवाब दिया जाएगा। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका का यह कदम चीनी उद्यमों का अनुचित दमन और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और व्यापार नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

चीनी मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जरूरी उपाय करेगा। चीन ने सुदूर पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग में उइगर समुदाय को लोगों को मनमाने ढंग से हिरासत में रखे जाने और उनसे जबरन श्रम कराने के आरोपों का खंडन किया है। साथ ही उसने वीजा एवं वित्तीय संबंधों पर अपनी कंपनियों और अधिकारियों के खिलाफ वीसा की पाबंदियों का तेजी से जवाब देना शुरू कर दिया है।

बता दें कि अमेरिका ने शुक्रवार को आर्थिक आधार पर 34 और कंपनियों को काली सूची में डाल दिया है। इसमें से दस कंपनियां चीन की हैं। इस संबंध में अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने नोटिस जारी किया है। सूत्रों ने कहा कि चीन के स्वायत्त प्रांत शिनजियांग में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों और उच्चस्तरीय तकनीकी निगरानी के कारण यह कड़ी कार्रवाई की गई है। चीन के अलावा भी विश्व के कई देशों पर कार्रवाई हुई है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने पिछले महीने ही घोषणा की थी कि मुस्लिम उइगर मुसलमानों और हानों पर जुल्म करने के खिलाफ चीनी कंपनियों पर यह कार्रवाई की जाएगी।

चीन पर आरोप है कि उसने उइगर मुस्लिमों के लिए व्यवस्थित तौर पर जन्म नियंत्रण का तंत्र बना रखा है। वहीं उत्पीड़न के साथ-साथ कैद माता-पिता से बच्चों को अलग रखने का आरोप है। वहीं चीन लगातार लाखों उइगर मुस्लिमों को हिरासत शिविरों में रखने के आरोपों से इनकार करता रहा है। चीन इन हिरासत कैंपों को सुधार शिविर बताता है। उसका कहना है कि धार्मिक उन्माद से लोगों को दूर रखने के लिए ये कैंप शिक्षा शिविर के तौर पर काम करते हैं।

 

Edited By: Ramesh Mishra